बालोतरा में एक 108 एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा बायतु से एक घायल मरीज को बालोतरा लाते समय बागुंडी के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस के सामने अचानक नीलगाय आ गई। मरीज के भाई लुंबाराम ने बताया- एंबुलेंस को उसके निर्धारित ड्राइवर की बजाय एक इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) चला रहा था। वाहन में कोई अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था। मरीज के भाई लुंबाराम ने आरोप लगाया है कि EMT शराब के नशे में था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद जब प्राथमिक उपचार की मांग की गई, तो एम्बुलेंस में आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध नहीं थी। उनके अनुसार, EMT ने कहा कि पट्टियां और अन्य सुविधाएं बालोतरा अस्पताल पहुंचने पर ही मिल पाएंगी। नाहटा अस्पातल से 200 मीटर पहले छोड़ी एंबुलेंस हादसे के बाद, EMT एम्बुलेंस को नाहटा अस्पताल से लगभग 200 मीटर पहले सड़क किनारे छोड़कर मौके से फरार हो गया। इससे मरीज के परिजनों में भारी आक्रोश है। घायल मरीज को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया है। परिजनों से की निष्पक्ष जांच की मांग परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन का आरोपों से इनकार सीएमएचओ वांकाराम ने बताया कि बांगुड़ी के समीप अचानक नीलगाय आ जाने के कारण हादसा हो गया। दूसरे एंबुलेंस में समय लगा रहा था, इसलिए उसे एंबुलेंस में मरीज को बालोतरा अस्पताल लाया गया पायलट और एमटी दोनों साथ थे कोई शराब के नशे में नहीं था बात गलत है