बारां के चर्चित पूर्व नगर परिषद उपसभापति एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव शर्मा हत्याकांड में जिला एवं सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने राजेंद्र कुमार उर्फ राजू मूंडला और रामकुंवार मीणा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया, जबकि रामकुंवार मीणा को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अतिरिक्त जुर्माने से भी दंडित किया गया। तीन साल बाद आया फैसला जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया गया। जमीन विवाद बना हत्या की वजह लोक अभियोजक तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि 7 जून 2023 को बारां शहर के तलावड़ा रोड स्थित गौरव शर्मा की जमीन पर जमीन विवाद को लेकर यह वारदात हुई थी। आरोप है कि राजेंद्र उर्फ राजू मूंडला और रामकुंवार मीणा मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने गौरव शर्मा को जान से मारने की धमकी दी। कुछ देर बाद दोनों वापस लौटे और राजेंद्र ने पिस्टल से गौरव शर्मा के सिर में गोली मार दी। वारदात के बाद दोनों आरोपी स्कॉर्पियो से फरार हो गए। इलाज के दौरान हुई थी मौत गोली लगने से गंभीर रूप से घायल गौरव शर्मा को पहले बारां के एक निजी अस्पताल और बाद में कोटा के मैत्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 8 जून 2023 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद कोतवाली थाने में हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। 36 गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य बने आधार मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 36 गवाहों के बयान दर्ज कराए और दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। आर्म्स एक्ट में भी अतिरिक्त सजा हत्या के मामले में आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपए के अर्थदंड के अलावा कोर्ट ने रामकुंवार मीणा को आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अतिरिक्त जुर्माने की सजा भी सुनाई।