बारां जिला अस्पताल में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि अस्पताल में भर्ती होने वाले प्रत्येक पात्र मरीज का भर्ती के समय ही 'मां योजना' में पंजीयन किया जाए, ताकि उन्हें समय पर निशुल्क इलाज का लाभ मिल सके। वहीं, क्लेम रिजेक्शन कम करने, वार्डवार टीआईडी बढ़ाने और मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की जांच नहीं लिखने के निर्देश भी दिए गए। सरकार की मंशा के अनुरूप हो योजना का संचालन बैठक की अध्यक्षता सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह और पीएमओ डॉ. नरेंद्र मेघवाल ने संयुक्त रूप से की। सीएमएचओ ने कहा कि सरकार की मंशा आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क इलाज उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वार्ड प्रभारियों और विभागाध्यक्षों को मिले निर्देश बैठक में सभी वार्ड प्रभारियों को वार्डवार टीआईडी बढ़ाने और रिजेक्शन केस कम करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा अधिकारियों से विभागवार मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया। विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि 'मां योजना' के मरीजों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा आवश्यक जांच, डायग्नोसिस और डिस्चार्ज की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए। साथ ही लामा क्वेरी और क्लेम रिजेक्शन के मामलों को न्यूनतम रखने पर जोर दिया गया। बाहर की जांच नहीं, अस्पताल में ही प्राथमिकता अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 'मां योजना' के मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की जांच नहीं लिखी जाए। लैब प्रभारी को अस्पताल की प्रयोगशाला में ही प्राथमिकता के आधार पर समय पर सभी आवश्यक जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पीएम-जय और सड़क हादसा पीड़ितों पर भी फोकस बैठक में दूसरे राज्यों से आने वाले पात्र मरीजों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय) के तहत लाभान्वित करने तथा सड़क दुर्घटना (आरटीए) के घायलों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत भर्ती कर समय पर इलाज उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। ये रहे मौजूद समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सीताराम वर्मा, डीपीसी डॉ. देवकीनंदन, मां योजना की जिला समन्वयक डॉ. राजश्री जोशी, जिला अस्पताल के सभी विभागाध्यक्ष, चिकित्सा अधिकारी, वार्ड प्रबंधक, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य मार्गदर्शक मौजूद रहे।