झालावाड़ की कवयित्री प्रीतिमा पुलक को साहित्य सेवा के लिए 'गुरुकुल गौरव सम्मान' मिला। उज्जैन के अनुज पंचाल भी सम्मानित हुए। यह सम्मान हाड़ौती के साहित्य जगत के लिए गर्व की बात है। मीडिया प्रभारी पीयूष परिंदा ने बताया- गुरुकुल एक राष्ट्रीय संस्था है। इसका मकसद छंद लेखन, साहित्य और काव्य परंपरा को आगे बढ़ाना व कवियों को मंच देना है। संस्था हर साल दो दिवसीय महोत्सव करती है, जहां रचनाकार प्रतिभा दिखाते हैं। बारां महोत्सव में छंद लेखन ट्रेनिंग, चर्चा व प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम हुए। चार किताबों का विमोचन भी हुआ। खास बात छह जगहों पर एक साथ हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन थे, जो कामयाब रहे। संयोजक सुरेंद्र यादवेंद्र व सह संयोजक भेरू लाल भास्कर थे। महोत्सव में गुजरात, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से गुरुकुल से जुड़े 50 से ज्यादा साहित्यकार शामिल हुए। हाड़ौती के साहित्य जगत के लिए गौरव दो दिवसीय महोत्सव ने हाड़ौती में साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ भारतीय काव्य परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक उसके प्रसार का संदेश दिया। छंद लेखन के क्षेत्र में निरंतर साधना करने वाली कवयित्री प्रीतिमा पुलक को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना क्षेत्र के साहित्यकारों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि है।