बारां स्थित कृषि उपज मंडी में गेहूं की आवक में अब कमी देखी जा रही है। बंपर आवक के बाद यह बदलाव आया है। आवक घटने के साथ ही मंडी प्रशासन ने व्यवस्थाओं में संशोधन करते हुए गेहूं सहित सभी कृषि जिंसों की नियमित नीलामी प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी है। इससे किसानों और व्यापारियों दोनों को राहत मिली है। शुक्रवार को मंडी में लगभग सवा लाख कट्टे गेहूं और करीब 20 हजार कट्टे अन्य कृषि जिंसों की आवक हुई। नीलामी में गेहूं का भाव 2240 से 3000 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। आवक नियंत्रित होने से मंडी परिसर में पहले की तुलना में भीड़भाड़ और अव्यवस्था काफी कम हुई है। व्यापार संघ के अध्यक्ष मनीष लश्करी ने बताया कि कुछ दिन पहले तक गेहूं की आवक ढाई लाख से चार लाख कट्टों तक पहुंच रही थी। इस अत्यधिक आवक के कारण मंडी में अनाज के ढेर लग गए थे और नीलामी प्रक्रिया भी बाधित हो रही थी। उन्होंने कहा कि अब आवक घटकर एक से डेढ़ लाख कट्टों के बीच आ गई है, जिससे व्यवस्थाएं सामान्य हो गई हैं। मंडी प्रशासन के अनुसार वर्तमान में नीलामी कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है, जबकि व्यापारियों को बोली लगाने और अनाज के उठाव में आसानी हो रही है। आवक नियंत्रित होने से मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही सुचारु हुई है और अनाज के उठाव की गति भी बढ़ी है, जिससे पहले की जगह की कमी और अव्यवस्था की स्थिति समाप्त हो गई है।