बारां नगर परिषद ने निर्माण और ध्वस्तीकरण (सीडी) कचरे के अव्यवस्थित निस्तारण पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब शहर में कहीं भी मलबा फेंकना प्रतिबंधित कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद आयुक्त भुवनेश मीणा ने बताया कि सीडी वेस्ट के संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए एक शुल्क प्रणाली लागू की गई है। परिषद के अधिकृत वाहनों द्वारा कचरा उठाने के लिए प्रति चक्कर 500 से 1000 रुपए तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। आयुक्त के अनुसार सीडी कचरे में ईंट, गिट्टी, रेत, सीमेंट, कंक्रीट, टाइल्स, पत्थर, प्लास्टर और निर्माण या तोड़फोड़ से निकलने वाला अन्य मलबा शामिल है। इस प्रकार के कचरे को सड़क, नाली, फुटपाथ, खाली प्लॉट या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर डालना पूर्णतः प्रतिबंधित है। कचरा उठवाने के इच्छुक व्यक्ति या संस्था को पहले नगर परिषद कार्यालय में सूचना देनी होगी और निर्धारित शुल्क जमा कराना होगा। बड़े निर्माण या ध्वस्तीकरण परियोजनाओं के मामले में कचरे के सुरक्षित और समयबद्ध निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए खुले में मलबा डालता है, तो उस पर जुर्माने के साथ-साथ मलबा हटाने का पूरा खर्च भी वसूला जाएगा। नगर परिषद ने शहरवासियों से इन नियमों का पालन कर बारां को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करने की अपील की है।