बारां जिले में पंचायतीराज चुनावों की हलचल तेज हो गई है। यहां तीसरे और चौथे चरण में मतदान होगा। केलवाड़ा पंचायत समिति में लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव की सरकार चुनने की गहमागहमी बढ़ी है। केलवाड़ा और दांता जैसी ग्राम पंचायतों में कई प्रत्याशी मैदान में हैं। इस चुनाव में गांव की गलियों का मुद्दा अहम है। कीचड़, गंदगी और खराब सड़कें लोगों के लिए परेशानी बन गई हैं। प्रत्याशी सड़क निर्माण और स्वच्छता का वादा कर मतदाताओं का ध्यान खींच रहे हैं। चाय की दुकानों पर चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जहां ग्रामीण विकास के दावों पर सोच-विचार कर रहे हैं। दांता के रफीक ने खराब सड़कों की शिकायत की, वहीं केलवाड़ा के बंटी ने गंदे पानी और गंदगी पर चिंता जताई। उम्मीदवार अब इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने का वादा कर रहे हैं। मतदाता तय करेंगे कि वे पुराने दावों पर भरोसा करते हैं या बदलाव के लिए नया चेहरा चुनते हैं। बारां कलेक्टर और एसपी ने मतदान केंद्रों का दौरा किया बारां जिले में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा और पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु गुरुवार को केलवाड़ा पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आने वाले पंचायत चुनाव के लिए कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां की सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और चुनाव के सामान की उपलब्धता को परखा। इसके बाद, उन्होंने राजकीय महाविद्यालय में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव के लिए बने मुख्य एबीएम केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाएं देखीं। कलेक्टर और एसपी ने थानाधिकारी समेत ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सही तरीके से चुनाव कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे किए जाएं।