बारां कोतवाली थाना पुलिस ने 16 साल पुराने चोरी के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पारदी गैंग के एक स्थायी वारंटी गजराज उर्फ गजराम पारदी (65) को मध्य प्रदेश के गुना जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2010 से फरार चल रहा था। यह मामला 13 जून 2010 को ललित कुमार गुप्ता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से संबंधित है। गुप्ता ने बताया था कि 12 जून 2010 की रात अज्ञात बदमाशों ने उनके कोटा रोड स्थित मकान के नीचे संचालित श्रीकृष्णा औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई) का ताला तोड़कर प्रवेश किया। इसके बाद सीढ़ियों से मकान में घुसकर 25 हजार रुपए नकद, 53 तोला सोना और 850 ग्राम चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि फरार अपराधियों, भगोड़ों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवाड़ी के सुपरविजन और पुलिस उपाधीक्षक रोहिताश देवंदा के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी हीरालाल पुनियां और डीएसटी टीम ने कार्रवाई की। टीम ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के बिलाखेड़ी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी गजराज उर्फ गजराम को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था और वह 299 सीआरपीसी के तहत फरार घोषित था। पुलिस के अनुसार, आरोपी से चोरी गए माल और उसके अन्य साथियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में अन्य फरार आरोपियों और चोरी के माल की बरामदगी को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर गुना के बिलाखेड़ी के जंगल में वेश बदलकर रह रहा था, जिसे डीएसटी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा। इस कार्रवाई में पुलिस टीम में कोतवाली सीआई हीरालाल पुनिया, एएसआई मुकुटबिहारी, डीएसटी प्रभारी राजेश मीणा, एएसआई आकाश शिंदे, हेड कांस्टेबल मनीष अवस्थी, कृष्णमुरारी और हरिप्रकाश सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।