बारां जिले में मातृ मृत्यु दर कम करने और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को समय रहते बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) आयोजित किया जाएगा। जिले के सभी जिला, उप जिला, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सक गर्भवती महिलाओं की जांच करेंगे। अभियान के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान, प्रसूति नियोजन, रेफरल, मुफ्त परिवहन और 'मां वाउचर योजना' के तहत निःशुल्क सोनोग्राफी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। 74 सेक्टर बैठकों में बनी रणनीति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जगदीश कुशवाह ने बताया कि अभियान की तैयारियों के लिए जिलेभर में 74 सेक्टर बैठकें आयोजित की गईं। इनमें हाई रिस्क गर्भवतियों की समय पर पहचान, प्रसव की पूर्व तैयारी, रेफरल व्यवस्था और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने की रणनीति तय की गई। बैठकों में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सीताराम वर्मा, डॉ. अशोक मीणा, डीपीएम दिलीप शर्मा, डीपीएम राकेश नागर, डीपीसी आशा धर्मेंद्र निर्विकार, डीपीसी आईईसी नीतू शर्मा और दक्षता मेंटर ब्रह्मदेव शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। फील्ड स्टाफ को दिए विशेष निर्देश सीएमएचओ ने आशा सहयोगिनी, एएनएम और सीएचओ को अपने-अपने क्षेत्रों की हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य संस्थानों तक लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सकों से समय पर जांच और परामर्श मिल सके। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को रेफरल, निःशुल्क परिवहन सुविधा तथा जननी सुरक्षा योजना के तहत उपलब्ध सेवाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा। इन जोखिमों पर रहेगी विशेष नजर स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड स्टाफ को प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित करने के साथ एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व सिजेरियन, जुड़वा गर्भ, कम या अधिक उम्र में गर्भधारण जैसी हाई रिस्क स्थितियों की समय पर पहचान कर हर 15 दिन में फॉलोअप करने पर विशेष जोर दिया गया है। मां वाउचर योजना और डेटा अपडेट पर भी फोकस अभियान के दौरान पात्र गर्भवती महिलाओं को 'मां वाउचर योजना' के तहत निजी सूचीबद्ध केंद्रों पर निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए वाउचर जारी किए जाएंगे। साथ ही पीसीटीएस पोर्टल पर शत-प्रतिशत डेटा अपडेट, प्रसव स्थल का पूर्व चयन, 104 एंबुलेंस सेवा की जानकारी और प्रसवोत्तर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मातृ मृत्यु दर रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह ने कहा कि जिले में मातृ मृत्यु दर को कम करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित निगरानी, समय पर जांच और जोखिम वाली गर्भावस्थाओं का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है।