बारां में बैंक की कार्रवाई से नाराज स्वयं सहायता समूह की बुजुर्ग महिलाएं सोमवार को शहर के कोर्ट परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। महिलाएं अपने बैंक खाते चालू करवाने और बकाया लोन हटाने की मांग कर रही थीं। महिलाओं ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक फतेहपुर प्रबंधन पर आरोप लगाया कि लोन चुकाने के बावजूद उनके खाते सीज कर दिए गए हैं और बकाया राशि बताई जा रही है। इस कार्रवाई के कारण उनकी पेंशन और मजदूरी की राशि नहीं निकल पा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामा के बाद अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन पर महिलाएं टंकी से नीचे उतरीं। महिलाओं ने बताया कि वे जनजागृति महिला स्वयं सहायता समूह का संचालन करती थीं, जो पोषाहार सप्लाई का कार्य करता था। करीब 20 साल पहले समूह ने बैंक से 2 लाख रुपए का लोन लिया था। समूह बंद होने के बाद 8 महिलाओं ने राशि जुटाकर लगभग 5 साल पहले 2.70 लाख रुपए बैंक में जमा करवा दिए थे। इसके बावजूद, महिलाओं का आरोप है कि बैंक ने करीब 6 महीने पहले उनके खाते सीज कर दिए। घटना की सूचना पर तहसीलदार दशरथ मीणा और कोतवाली सीआई हीरालाल पुनिया मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि बैंक प्रबंधन से जानकारी लेकर मामले का समाधान करवाया जाएगा।