बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नगर परिषद ने कांग्रेस कमेटी को नोटिस जारी कर दो घंटे में निर्माण कार्य हटाने की हिदायत दी है। अन्यथा ध्वस्त करने की चेतावनी दी है। इसे बाद मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेसी इकट्ठा हो गए। नोटिस बताया कि 6 अप्रैल को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद लगातार निर्माण कार्य किया जा रहा है। इधर कांग्रेस बीते तीन दिनों से कार्यालय जमीन पर टेंट लगाकर बैठे हुए है। दरअसल, नगर परिषद ने कांग्रेस को 1999.90 वर्ग मीटर का पट्टा दिया है। लेकिन जमीन के पट्टे और मौके पर मौजूद स्थिति में जमीन के आकार में अंतर आ रहा है। वहीं ग्रामीणों का भी दावा है कि जमीन उनकी है। इस बीच शिकायतों के बाद मंगलवार को बाड़मेर तहसीलदार हुक्मीचंद के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक सुमेरदान, पटवारी रामाराम मय टीम ने मौका निरीक्षण किया। वहीं फिलहाल इसकी जाग यूआईटी सचिव को इसकी जांच दी गई है। नगर परिषद ने जारी किया नोटिस बाड़मेर नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह ने नोटिस जारी कर लिखा है कि आवंटित जमीन से संबंधित कई शिकायत है प्राप्त हुई है जिसकी जांच प्रक्रियाधीन है तब तक निर्माण कार्य रोकने के लिए 6 अप्रैल को नोटिस दिया था लेकिन उसके बाद से ही लगातार निर्माण कार्य चल रहा है इसलिए 2 घंटे में निर्माण कार्य को हटाने के निर्देश देते हुए 12:00 बजे के बाद पूरे निर्माण को ध्वस्त करने की चेतावनी दी है। वहीं कांग्रेस कमेटी द्वारा आवंटित जमीन में पिछले कई दिनों से लगातार प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में धरना प्रदर्शन चल रहा है और आज भी जिले भर से कांग्रेसी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर पहुंच रहे हैं। पीडब्लूडी जमीन पर अवैध कमरे बन रहे लेकिन प्रशासन कुछ नहीं बोल रहा युथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कड़वासरा ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक द्वेषता का आरोप लगाते हुए कहा बड़ा दुर्भाग्य है कि पीडब्लूडी की जमीन पर पीछे कमरे बनाकर कब्जा हो रहा है। उसको लेकर प्रशासन कुछ नहीं बाेल रहा है। सरकार प्रशासन पर दबाव बनाकर कांग्रेस को आवंटित जमीन पर बाउड्री बनाने से रोका जा रहा है। जिलाध्यक्ष बोले- राजनीतिक कारणों से रोका जा रहा जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा कि दोनों पार्टियों को एक ही कानून के तहत जमीन आवंटित की गई। दोनों ने भुगतान जमा करवाया। दोनों को पट्टे दिए गए। भाजपा ने अपना कार्यालय बना दिया। अब कांग्रेस चारदीवारी बना रही है। राजनीतिक कारणों से उसे रोका जा रहा है। 7 दिन में जांच करने के निर्देश भाजपा नेता स्वरुपसिंह खारा की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बाद कलेक्टर ने यूआईटी सचिव श्रवणसिंह राजावत को जांच के आदेश दिए हैं। 7 दिन में कांग्रेस कार्यालय को आवंटित जमीन की मौके की स्थिति से लेकर पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रिपोर्ट सौंपनी है। कुछ लोगों ने इस जमीन पर सेटलमेंट के समय से अपनी पुश्तैनी होने का दावा किया है। इससे जुड़ी खबर पढ़े… बाड़मेर में कांग्रेस ऑफिस के लिए आवंटित जमीन पर विवाद:सीमांकन टीम को पट्टे और मौके पर मिला अंतर; जिलाध्यक्ष बोले- प्रशासन स्थिति क्लियर करे