बाड़मेर जिले के उड़ासर गांव में जेसीबी से खेजड़ी और बबूल के पेड़ काटे गए, जिस पर पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध किया। सूचना पर पुलिस और पटवारी मौके पर पहुंचे। खेत मालिक ने पेड़ कटने को गलती बताते हुए माफी मांगी, जबकि लोगों ने बिना अनुमति कटाई को नियमों का उल्लंघन बताया। बाड़मेर जिले के उड़ासर गांव बीती शाम का है। वहीं खेत मालिक ने पुलिस को बताया कि खेत को साफ कर रहे थे इस दौरान जेसीबी ड्राइवर ने गलती से काट दिए। माफी भी मांगी है। मिली जानकारी के अनुसार उड़ासर गांव निवासी नगाराम के खेत में जेसीबी मशीन से बबूल और खेजड़ी के 4-5 पेड़ों को काटा जा रहा था। इस दौरान वहां से निकल रहे पर्यावरण प्रेमियों ने खेजड़ी के पेड़ को देखकर इसका विरोध किया। जेसीबी मशीन को रुकवा दिया। कुछ पर्यावरण प्रेमी और आ गए। पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। बाड़मेर सदर थाने से एसआई बगडूराम व पटवारी मौके पर पहुंचे। पटवारी ने मौका फर्द रिपोर्ट बनाई गई। लोगों का आरोप, 9 पेड़ काटे गए पर्यावरणप्रेमियों का कहना है कि उड़ासर गांव में जेसीबी से 9 पेड़ काट दिए। खेत नगाराम निवासी उड़ासर का है। सनावड़ा चौकी प्रभारी और पटवारी प्रमिला आए थे। जेसीबी ड्राइवर वहां से भाग गया। पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई नियमों का उल्लघंन है। बीते दिनों पर्यावरण प्रेमियों ने बीकानेर मुख्यालय पर खेजड़ी बचाने के लिए धरना प्रदर्शन किया था। अनशन भी किया था। इसके बाद राजस्थान सरकार ने खेजड़ी को कटाई पर पूरी तरीके प्रतिबंध लगा दिया थाा। इसके बावजूद कटाई के मामले सामने आ रहे है।