बाड़मेर में नेशनल हेल्थ मिशन की सिविल विंग में अनियमितता का मामला सामने आया है। कोरोना काल के दौरान मरीजों को राहत देने के लिए 6-6 बेड वाले पीएचसी पर 30 कोविड वार्ड स्वीकृत हुए थे। इनमें से कई पीएचसी पर निर्माण ही नहीं हुआ और भुगतान उठा लिया। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 2021-22 में बाड़मेर के लिए 30 कोविड वार्ड की स्वीकृति मिली थी। प्रत्येक वार्ड में 6 बेड लगाए जाने थे। प्रत्येक वार्ड के लिए करीब 9 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। मैसर्स ज्योति पावर कंस्ट्रक्शन कंपनी को 8 वार्ड बनाने के वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। इनमें से खलीफे की बावड़ी, गूंगा, हरसाणी में बिना काम भुगतान उठा लिया। कोविड वार्डों के अधूरे निर्माण का मामला हमारे संज्ञान में आया है। हमने एनएचएम एक्सईएन को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। - डॉ. विष्णुराम विश्नोई, सीएमएचओ