जंगल बचाने के नाम पर सरकारी खजाने को लूटने का काम वन विभाग के अधिकारी ही कर रहे हैं। धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र में वन विकास के नाम पर 10 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसमें गड्ढे खोदने, पौधे लगाने, बीज खरीदने, ट्रेंच खोदने जैसे काम होने थे। अफसरों ने आधा काम कर पूरे पैसे उठा लिए। भास्कर ने ग्राउंड पर चेक किया तो एक भी पौधा नहीं दिखा। बंजर पहाड़ी जमीन पूरे घोटोल की कहानी कह रही थी। उदाहरण के तौर पर 87 लाख 57 हजार रुपए खर्च कर 3.25 लाख गड्ढे खोदे गए, लेकिन मौके पर काम मात्र डेढ़ लाख रुपए का ही किया गया। इस प्रकार ट्रेंच खुदाई अैर पौधारोपण में भी एक करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया। कुल मिलाकर 5 करोड़ 80 लाख रुपए अफसरों की जेब में चले गए। इसका खुलासा सीसीएफ पी. कैथिरवेल की जांच रिपोर्ट में हुआ। वर्ष 2023-24 में धौलपुर के सरमथुरा रेंज के खुरदिया नाका में 31 साइटों पर वन विकास के काम होने थे। सीधे तौर पर डीएफओ किशोर गुप्ता, एसीएफ प्रमेंद्र सिंह, रेंजर अरविंद, रेंजर अमृत लाल मीना, लेखाधिकारी उत्तम चंद गोयल, ऑडिटर राजपाल व साइट प्रभारी संजय सिंह को जिम्मेदार माना गया। सीसीएफ की जांच में हुआ खुलासा, डीएफओ से लेकर एसीएफ सहित 7 को चार्जशीट “लेखाधिकारी उत्तम चंद गोयल, ऑडिटर राजपाल व साइट प्रभारी संजय सिंह सहित बाकी अन्य को भी चार्जशीट जारी कर चुके हैं। कार्यवाही अभी चल रही है। कुछ ने अपना उत्तर दे दिया है,जिन्होंने चार्जशीट का जवाब नहीं दिया है उन्हें रिमाइंडर भेजा जा रहा है।” -चेतन कुमार, डीएफओ धौलपुर