ब्यावर की कुमावत कॉलोनी में पिछले सात सालों से चली आ रही लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती की समस्या को लेकर रविवार रात वार्ड संख्या 36 के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रात करीब साढ़े नौ बजे बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी पार्षद पिंकी कुमावत के नेतृत्व में विद्युत विभाग सीएसडी प्रथम के सहायक अभियंता कार्यालय छावनी पहुंच गए। यहां लोगों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जल्द स्थायी समाधान की मांग उठाई। सात साल से परेशान लोग, सुनवाई नहीं होने का आरोप क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुमावत कॉलोनी की गली नंबर 3 सहित आसपास के इलाकों में पिछले सात वर्षों से लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। कई बार विभाग को लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन अधिकारियों ने समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। निवासियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। लो-वोल्टेज के कारण घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण ठीक से नहीं चल पाते, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
बिजली गुल होते ही भड़का लोगों का गुस्सा रविवार रात अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद लोगों ने सहायक अभियंता भरत मीणा से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन काफी देर तक समाधान नहीं होने से लोगों का आक्रोश बढ़ गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग विभाग कार्यालय पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता आ रहा है। गार्ड पर अभद्र व्यवहार और धमकाने के आरोप रात करीब साढ़े दस बजे जब वार्ड 36 के सैकड़ों लोग विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे, तब वहां मौजूद गार्ड घीसासिंह पर उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और डराने-धमकाने के आरोप लगे। महिलाओं ने भी गार्ड के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि समस्या सुनने के बजाय लोगों से गलत तरीके से बात की गई। उच्च अधिकारियों के फोन बंद मिलने से बढ़ा असंतोष पार्षद पिंकी कुमावत ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को देने का प्रयास किया, लेकिन कई अधिकारियों के फोन बंद मिले। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार हनुतसिंह रावत को घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता सात वर्षों से बिजली समस्या झेल रही है, लेकिन विभाग लगातार अनदेखी कर रहा है। पार्षद ने कहा कि यदि उपभोक्ता बिजली बिल जमा कराने में देरी करे तो विभाग तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान में वर्षों लगा दिए जाते हैं।
करीब दो घंटे तक चला हंगामा प्रदर्शन और हंगामे का दौर करीब दो घंटे तक चलता रहा। देर रात सहायक अभियंता भरत मीणा मौके पर पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने क्षेत्र में बढ़ते लोड, कमजोर बिजली सप्लाई और लगातार हो रही कटौती को लेकर नाराजगी जताई। एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन विरोध प्रदर्शन के बाद सहायक अभियंता भरत मीणा ने क्षेत्र में लोड बढ़ाने और विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा कुछ शांत हुआ। हालांकि, क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर समाधान चाहिए। फिलहाल पूरे इलाके की नजर अब बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।