झुंझुनूं के राजकीय बीडीके अस्पताल में बुधवार को प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य (RCH) सूचकांकों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने और मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए पूरी रणनीति तैयार की गई। गर्भवती महिलाओं पर विशेष फोकस ​पीएमओ एवं अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया- अस्पताल जिले की सर्वाधिक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को उपचार प्रदान कर रहा है। वर्तमान में यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रतिदिन 5 से 7 सिजेरियन प्रसव कराए जा रहे हैं। वहीं 8 से 10 गंभीर नवजात शिशुओं को आईसीयू (ICU) में भर्ती कर जीवन रक्षक उपचार दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को मिले जांच और उपचार ​जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी (RCHO) डॉ. डीएन सिंह ने कहा- मातृ-मृत्यु और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली महिलाओं की समय पर पहचान करना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देशित किया कि ​इन महिलाओं का विवरण सॉफ्टवेयर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। ​प्रसव से पहले, प्रसव के दौरान और प्रसव के बाद उन्हें आवश्यक जांच और उपचार मिले। ​लौह तत्व की कमी (एनीमिया) से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात 'एफसीएम' (FCM) इंजेक्शन लगाना सुनिश्चित किया जाए। ​सुधार के लिए दिए कड़े निर्देश ​बैठक में पीएमएसएमए (PMSMA) दिवस की सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। अस्पताल में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए जाएं। रजिस्ट्रेशन और अन्य कार्यों के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले जाएं। ​नर्सिंग विद्यार्थियों के माध्यम से आमजन में स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाई जाए। ​जिन महिलाओं का पहले सिजेरियन प्रसव हुआ है, उन्हें नियमित फॉलो-अप के लिए खंडवार (Block-wise) प्रेरित किया जाए। पोर्टल अपडेट के निर्देश दिए ​आरसीएचओ डॉ. डीएन सिंह ने सहायक सांख्यिकी अधिकारी सुभीता को U-WIN, PCTS, पीएमएसएमए और पहचान पोर्टल पर विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों की निरंतर फीडिंग करने और समय-समय पर रिपोर्ट कार्यालय भेजने के निर्देश दिए। अगली समीक्षा बैठक 20 जुलाई को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। ​बीडीके अस्पताल चिकित्सक दिवस मनाया ​समीक्षा बैठक के बाद अस्पताल में 'राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस' (Doctors' Day) मनाया गया। इस अवसर पर चिकित्सकों ने एक-दूसरे को बधाई दी। बैठक में डॉ. विद्याधर बाजिया, डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. पूजा चौधरी, डॉ. पुष्पा रावत, डॉ. प्रियंका शेखसरियां सहित बड़ी संख्या में शिशु रोग विशेषज्ञ और प्रसूति विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे।