बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव हो रहे हैं। सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। 3 सीटों में MP की दतिया, बिहार की बांकीपुर और गुजरात की मंजलपुर सीट शामिल हैं। भाजपा ने दतिया में MP के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है। वहीं, पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज के प्रशांत किशोर अपना पहला चुनाव लड़ने जा रहे हैं। हालांकि, प्रशांत की पार्टी को 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। बिहार: बांकीपुर में त्रिकोणीय मुकाबला, प्रशांत किशोर चुनाव लड़ रहे बिहार की बांकीपुर सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प है। यहां भाजपा युवा मोर्चा के नेता नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता के बीच टक्कर है। यह सीट भाजपा के पांच बार के विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अप्रैल में राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी। प्रशांत किशोर इस सीट पर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। उन्होंने लगभग हर गली और मोहल्ले में जाकर प्रचार किया है। किशोर ने इस चुनाव को एनडीए सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह बताया है। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाना बनाया है, जिन्हें नीतीश कुमार के हटने के बाद भाजपा ने सीएम बनाया था। वहीं, नितिन नबीन ने भी अपने क्षेत्र में प्रचार किया और मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि नई जिम्मेदारियों के बावजूद बांकीपुर उनकी प्राथमिकता बना रहेगा। MP- दतिया में भाजपा और कांग्रेस के सामने चुनौती मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भाजपा के आशुतोष तिवारी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस के कुंवर घनश्याम सिंह सातवीं बार मैदान में हैं। यह सीट 2 अप्रैल को कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद खाली हुई थी। भारती को बैंक घोटाले के मामले में सजा होने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) के तहत अयोग्य ठहराया गया था। दतिया में दोनों ही पार्टियों को आंतरिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया, जिसके बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुए। जुलाई में हुए इन प्रदर्शनों के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर हमला, तोड़फोड़ और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कई कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए गए थे। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा को खुद सामने आकर समर्थकों से तिवारी का समर्थन करने की अपील करनी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस में भी टिकट को लेकर खींचतान रही। अयोग्य घोषित विधायक राजेंद्र भारती अपने परिवार के लिए टिकट मांग रहे थे, जबकि 2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर आए वरिष्ठ नेता अवधेश नायक भी दावेदारी कर रहे थे। गुजरात- मंजलपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने गुजरात की वडोदरा स्थित मंजलपुर सीट भाजपा विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद खाली हुई थी। योगेश पटेल 1990 से विधायक थे और उन्होंने कुल आठ बार चुनाव जीता था। वे 2022 में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर और राज्य मंत्री भी रहे थे। इस सीट पर भाजपा ने सतीश पटेल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी को मैदान में उतारा है। ये सीट भाजपा की पारंपरिक सीट मानी जाती है। इस बार भी भाजपा अपनी इस बढ़त को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उम्मीदवार को लेकर स्थानीय नेताओं में नाराजगी है, इसीलिए भाजपा के शीर्ष नेताओं की एक बड़ी टीम को इस सीट पर तैनात किया गया है। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, अन्य मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने भी स्थानीय नेताओं से मुलाकात की।