ब्यावर के गवर्नमेंट अमृतकौर अस्पताल में एक महिला रातभर बच्चे के शव को गोद में लेकर बैठी रही। सुबह मामला सामने आने के बाद स्थानीय समाजसेवियों ने बच्चे का अंतिम संस्कार कराया और परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की। जानकारी के अनुसार बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी चंचल कुमारी अपने छह माह के बच्चे, देवर और भाभी के साथ गांधीधाम (गुजरात) जा रही थीं, जहां उसका पति मजदूरी करता है। यात्रा के दौरान सेंदड़ा क्षेत्र के पास अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। घबराई मां बुधवार रात में ही ट्रेन से उतरकर बच्चे को लेकर ब्यावर के गवर्नमेंट अमृतकौर अस्पताल पहुंची, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत के बाद मां चंचल कुमारी पूरी रात अस्पताल में अपने मृत बच्चे को गोद में लेकर बैठी रहीं। सूचना पर समाजसेवी पहुंचे अस्पताल सुबह अस्पताल गार्ड रोशन घावरी ने इस घटना की सूचना समाजसेवी पंकज वर्मा को दी। सूचना मिलते ही पंकज वर्मा अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल मां को ढांढस बंधाया। उन्होंने तत्काल रेलवे जीआरपी थाना पुलिस को भी सूचित किया। परिजनों की इच्छा अनुसार बच्चे का शव बिना पोस्टमॉर्टम के उन्हें सौंप दिया गया। इसके बाद पंकज वर्मा परिजनों के साथ बच्चे को लेकर हिन्दू सेवा मंडल द्वारा संचालित मुक्तिधाम पहुंचे, जहां सनातन धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। परिवार की आर्थिक सहायता की अंतिम संस्कार के बाद, गौभक्त कमल सैनी और पंकज वर्मा ने पीड़ित परिवार की सहायता की। उन्होंने परिवार को गांधीधाम जाने के लिए ट्रेन टिकट उपलब्ध कराए और रास्ते के खर्च की भी व्यवस्था की। उल्लेखनीय है कि समाजसेवी पंकज वर्मा पिछले 26 वर्षों से असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क अंतिम संस्कार जैसे सेवा कार्यों में सक्रिय हैं।