बेड़ा ग्राम में भीषण गर्मी और सूखे के कारण पशुओं के सामने चारे का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इस स्थिति में बेड़ा जैन संघ मूक प्राणियों की सेवा में आगे आया है। संघ की ओर से गायों के लिए बड़े पैमाने पर हरे चारे की व्यवस्था की जा रही है। रोजाना 2 से 5 ट्रैक्टर हरा चारा विभिन्न गांवों और ढाणियों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे सैकड़ों गौवंश को राहत मिल रही है। जैन संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस सेवा कार्य पर रोजाना लगभग 15 से 20 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर चारे की मात्रा और बढ़ाई जाएगी ताकि भीषण गर्मी में कोई भी गौवंश भूखा न रहे। यह गौसेवा मुहिम कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले लगभग 5 सालों से लगातार संचालित की जा रही है। हर वर्ष गर्मी शुरू होते ही संघ की ओर से हरे चारे की व्यवस्था की जाती है और बारिश आने तक यह सेवा निरंतर जारी रहती है। वर्तमान में बेड़ा, जुना बेड़ा, बेरड़ी, पीली ढाल, पणेतरा, कुमटिया भागल सहित आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से हरा चारा पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने जैन संघ की इस मानवीय पहल की सराहना की है, इसे गौवंश के लिए जीवनदायिनी बताया। जैन संघ के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि मूक प्राणियों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। संघ हमेशा पशुओं की सेवा, उपचार और संरक्षण के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने दोहराया कि संघ भविष्य में भी इसी भावना के साथ समाजहित के कार्य करता रहेगा।