भारत विकास परिषद् की डीडवाना शाखा ने अपना 64वां स्थापना दिवस स्थानीय सालासर रोड स्थित गोपाल गौशाला में मनाया। इस अवसर पर गौसेवा और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। परिषद् के सदस्यों और मातृशक्ति ने गौमाता को हरा चारा व केले खिलाकर सेवा की, साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव विनोद सेन ने भारत विकास परिषद् के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिषद् का लक्ष्य समाज के सक्षम वर्ग को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर व जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए प्रेरित करना है। इसका उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना को बढ़ावा देना भी है। सेन ने यह भी कहा कि परिषद् अपनी स्थापना से ही राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान के लिए विभिन्न सेवा प्रकल्प चला रही है। शाखा अध्यक्ष डॉ. गजादान चारण ने डीडवाना शाखा की गतिविधियों पर बात की। उन्होंने बताया कि परिषद् की डीडवाना शाखा सेवा, संस्कार, स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े जनहितकारी कार्यक्रमों का लगातार आयोजन करती रही है। उन्होंने भविष्य में भी समाजसेवा की इस यात्रा को पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता परिषद् की मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी रही। सभी सदस्यों ने गौसंरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए गौसेवा की। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प भी लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश और पुख्ता हुआ। इस अवसर पर विकास रत्न महावीर सिंह चौहान, प्रांतीय संपर्क संयोजक शिवकुमार शर्मा, जिला समन्वयक राकेश जांगिड़, कोषाध्यक्ष बालमुकुंद बगड़िया, संयुक्त सचिव कमल किशोर शर्मा, पर्यावरण संयोजक रामगोपाल बंजारा, दिनेश गहलोत, रामकिशोर सैनी, शंकरलाल सैनी, तुलछीराम कच्छावा, कौशल्या सेन, रश्मि शर्मा, शोभा शर्मा सहित परिषद् के कई सदस्य मौजूद थे।