भरतपुर के शास्त्री पार्क से कलेक्ट्रेट तक 200 आशा सहयोगिनें रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। आशा सहयोगिनियों का कहना है कि सरकार उन्हें अब भी 5 हजार रुपये ही मासिक वेतन देती है। इतने पैसे से खर्चा चलाना मुश्किल है। इसलिए सरकार आशा सहयोगिनों की सैलरी 26 हजार रुपये करे। नियमित कर्मचारी बनाएं रैली में शामिल आशा सहयोगिनी राजेश्वरी व्यास ने बताया–हम सभी की मांग है कि सरकार आशा सहयोगिनियों को नियमित कर्मचारी पद में शामिल करें। जहां-जहां राज्य सरकार ने आशा सहयोगिनियों को राज्य कर्मचारी के रूप में शामिल नहीं किया हुआ है, वहां उनका एकमुश्त सैलरी 26 हजार रुपये दी जाए। आशाओं को बोनस अंक दिये जाए धरना दे रही आशा सहयोगिनियों ने यह भी कहा कि उन्हें बोनस अंक भी दिए जाएं। ताकि सरकार की आगामी ANM भर्ती में इन बोनस अंकों के आधार पर आशा सहयोगिनियों को स्थाई किया जा सके। आशा सहयोगिनियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी क्लेम के रूप में मिलती है। इसे भी तनख्वाह में जोड़ा जाए, जिससे हर महीने भुगतान हो सके। अगर यह सभी मांगे पूरी नहीं होतीं, तो सभी आशाएं आंदोलन करते हुए अनिश्चितकालीन धरना देंगी। आशा सहयोगिनियों की प्रमुख मांगें