भरतपुर जिले के रूपवास इलाके में रास्ते से पत्थर हटाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की थी। घटना में एक महिला भूदेवी के सिर में गंभीर चोट आई थी। 12 दिन अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद आज महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन रास्ते से अतिक्रमण हटाए जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाने की मांग पर अड़ गए। तहसीलदार के आश्वासन के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए तैयार हुए। रास्ते से पत्थर हटाने को लेकर हुआ था विवाद सुशील कुमार निवासी सिरसौदा ने दर्ज FIR में बताया कि 23 मार्च शाम करीब 7 बजे मेरा भाई मोहन सिंह बाइक से अपने घर आ रहा था। रास्ते में शीला का मकान पड़ता है। शीला के मकान के सामने पत्थर रखे होने से रास्ता तंग था, जिस वजह से मोहन की बाइक नहीं निकल पा रही थी। मोहन सिंह ने शीला के परिजनों को घर के सामने से पत्थर हटाने को कहा। गाली देने से रोका तो की मारपीट झगड़ा सुनकर शीला के परिजन राजकुमार, छोटू, हेमू, अनीता, विनेश, शीला, वैजयंती, आशा, सुरेश, पप्पी भी आ गए। उन्होंने मोहन सिंह को गालियां दीं। इस बीच वहां मोहन सिंह का बेटा तेजपाल भी आ गया। तेजपाल ने शीला के परिजनों को गाली देने से रोका तो सभी ने तेजपाल के साथ से मारपीट शुरू कर दी। बचाने आई मां–दादी को भी पीटा घटना का पता लगने पर तेजपाल की दादी दानदेवी और मां भूदेवी तेजपाल को बचाने के लिए आई। तब शीला के घरवालों ने दोनों महिलाओं से भी मारपीट शुरू कर दी। झगड़े के दौरान राजकुमार नाम के व्यक्ति ने भूदेवी के सिर पर पत्थर दे मारा जिससे वह गश खाकर गिर पड़ी। मोहन सिंह लहूलुहान भूदेवी को रूपवास अस्पताल लेकर भागा। विधायक ने मॉर्च्युरी पहुंच की समझाइश शुक्रवार को इलाज के दौरान भूदेवी की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों और समाज के लोगों ने रूपवास अस्पताल पर इकट्ठे हो उस रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की जिसके विवाद में भूदेवी की जान गई। मौके पर विधायक ऋतु बनावत भी परिजनों की समझाइश के लिए पहुंची। तहसीलदार अमित शर्मा ने भूदेवी के परिजनों को आश्वासन दिया कि जल्द ही रास्ते से पत्थरों को हटा दिया जाएगा। आश्वासन के बाद परिजन भूदेवी के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हुए। रूपवास थाना अधिकारी विनोद मीणा ने बताया कि महिला की मौत के बाद करीब 10 लोगों को डिटेन किया गया है। सभी से पूछताछ चल रही है। वहीं दूसरे पक्ष की तरफ से भी घटना के दिन मामला दर्ज करवाया गया था।