रतलाम के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान के भीलवाड़ा में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। रेड के दौरान राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उसकी जेब से 50 हजार रुपए बरामद किए हैं। रतलाम के थाना औद्योगिक नगर में पदस्थ तपेश ने जमीन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार आरोपी के साथ मारपीट न करने और जांच में सहयोग के बदले एक लाख 10 हजार रुपए की घूस मांगी थी। वह 10 हजार रुपए की एक किस्त वसूल चुका था, बाकी रकम में से 50 हजार रुपए लेने के लिए भीलवाड़ा के एक होटल में पहुंचा था। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने कहा- मामला रतलाम के 80 फीट रोड निवासी व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत (70) ने रतलाम में नए आरटीओ दफ्तर के सामने बंद पड़ी ऑयल मिल और जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कराया था। लियाकत ने जांगिड़ से 25 लाख 76 हजार रुपए ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही मालिक से मुलाकात कराई। इस शिकायत पर रतलाम की औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। जिसके बाद लियाकत को गिरफ्तार कर लिया गया था। हथकड़ी पहनाकर घुमाने की धमकी दी थी एसीबी महानिदेशक गुप्ता ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने लियाकत के भाई से मामले में सहयोग करने के बदले एक लाख 10 हजार रुपए मांगे। लियाकत के भाई ने उसे 10 हजार रुपए तुरंत दे दिए। उसने कहा कि जब रतलाम पुलिस जांच के लिए लियाकत को लेकर भीलवाड़ा आएगी तो दूसरी किस्त के 50 हजार रुपए दे देगा। फिर एसीबी से मामले की शिकायत कर दी। सोमवार को तपेश, ASI कैलाश सैनी और एक अन्य कॉन्स्टेबल भीलवाड़ा लियाकत को लेकर भीलवाड़ा पहुंचे। सभी होटल के कमरा नंबर 104 में ठहरे। तपेश ने धमकी दी कि अगर रुपए नहीं मिले तो लियाकत को हथकड़ी पहनाकर पूरे शहर में घुमाएगा। ट्रैप के मुताबिक, एसीबी की टीम उसी होटल के कमरा नंबर 105 में रुकी। जैसे ही लियाकत के भाई ने सिग्नल दिया, टीम ने रेड कर दी। रतलाम एसपी बोले- जांच के बाद करेंगे कार्रवाई रतलाम एसपी अमित कुमार ने कहा- मामले में ASI कैलाश सैनी और एक अन्य कॉन्स्टेबल की भूमिका साफ नहीं हो पाई है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… 3 सरकारी डॉक्टर रिश्वत लेते पकड़ाए, VIDEO बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोकायुक्त की टीम ने तीन डॉक्टरों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वे मरीजों को लैब भेजने के बदले 50% कमीशन लेते थे। आरोपियों में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साईं और संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…