भीलवाड़ा में बुधवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान कैबिन से सिर में चोट लगने से युवक की मौत हो गई। इधर, इस घटना के बाद देर रात समाज के लोग मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। मामला शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र का है, यहां नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को अपने-अपने अतिक्रमण को हटाने की हिदायत दी थी। इस दौरान पुलिस लाइन एरिया में रहने वाले महावीर (23 ) पिता गणपत लाल सेन की रोड पर लगाई गई सैलून केबिन भी अतिक्रमण के दायरे में आ रही थी। निगम की टीम सभी व्यापारियों के साथ उसे भी अपनी केबिन हटाने की चेतावनी दी गई थी। निगम की कार्रवाई से बचने के लिए महावीर क्रेन मंगवाकर कैबिन हटा रहा था। इसी दौरान कैबिन से उसके सिर में लग गई और वह घायल हो गया। इस दौरान वहां मौजूद लोग उसे महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। वहीं शव को मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना के समाज के लोगों में आक्रोश घटना के बाद परिवार समाज और आसपास के लोगों में रोष फैल गया।समाज के लोगों ने निगम पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर डर का माहौल पैदा करने के आरोप लगाते हुए देर रात महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन किया। इनका आरोप था की कार्रवाई और केबिन टूटने के डर के चलते महावीर उसे जल्दबाजी में शिफ्ट कर रहा था।इस दौरान उसके सिर पर चोट लगी,जिसकी जिम्मेदार नगर निगम है। मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन समाज के लोगों का कहना है की मृतक अपने परिवार में कमाने वाला एक मात्र सहारा था ,परिवार को उचित मुआवजा दिलवाया जाए।इसी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया और देर रात तक सहमति नहीं बनने के बाद समाज के लोग सुबह फिर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे