1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर फैक्ट्री में काम कर रहे एक अधेड़ श्रमिक ने दम तोड़ दिया। मामला भीलवाड़ा के प्रताप नगर थाना क्षेत्र के रीको IV फेज का है। साथी की मौत के बाद गुस्साए मजदूरों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मजदूरों ने शव फैक्ट्री के गेट पर रखकर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। मजदूरों का कहना जब तक मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की समझाइश की। नाइट ड्यूटी में आया था, फैक्ट्री से निकलते ही मौत अब तक मिली जानकारी के मुताबिक मृतक घनश्याम वैष्णव (42) मूल रूप से मध्य प्रदेश के उज्जैन के पेटलावद का रहने वाला था। वर्तमान में वह परिवार के साथ मीरा सर्कल, पटेल नगर में किराए पर रहा था। यहां वह प्रताप नगर थाना क्षेत्र के रीको IV फेज स्थित अमृत स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड में काम करता था। गुरुवार रात करीब 10 बजे नाइट शिफ्ट में आया था। शुक्रवार सुबह ड्यूटी के बाद फैक्ट्री से निकलते ही उसे अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। इसके कुछ देर बाद ही उसकी संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। टायर फूंका, शव रखकर प्रदर्शन साथी की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में मजदूर और परिजन फैक्ट्री के बाहर इकट्‌ठा हो गए। मजदूरों और परिजनों ने फैक्ट्री मैनेजमेंट पर संवेदनहीनता के आरोप लगाए। गुस्साए लोगों ने फैक्ट्री गेट के बाहर मृतक का शव रखकर नारेबाजी की और टायर फूंककर प्रदर्शन किया। उन्हांने फैक्ट्री मैनेजमेंट से मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। फैक्ट्री में काम बंद, 15 लाख मुआवजे की मांग मजदूरों ने फैक्ट्री मैनेजमेंट पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि घनश्याम वैष्णव की मौत ड्यूटी पर काम करने के दौरान हुई है। इसलिए फैक्ट्री प्रबंधन को श्रमिक के परिवार के प्रति मानवीय रुख अपनाते हुए 15 लाख रुपए का मुआवजा देना चाहिए। मृतक घनश्याम के परिवार में पत्नी और करीब 12 साल का बेटा है। परिवार की माली हालत खस्ता है। किराए के मकान में वह जैसे–तैसे परिवार का पालन पोषण कर रहा था। वहीं इस पूरे मामले में फैक्ट्री का कोई प्रतिनिधी सामने नहीं आ रहा। पुलिस कर रही मजदूरों–परिजनों की समझाइश मजदूर की मौत और श्रमिकों के प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंची प्रताप नगर थाना पुलिस ने स्थिति पर काबू कर लिया है। फिलहाल मौके पर प्रदर्शनकारियों की समझाइश का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद फैक्ट्री का काम ठप्प पड़ा है। मजदूर काम बंद कर फैक्ट्री के बाहर बड़ी संख्या में इकट्‌ठा होकर नारेबाजी कर रहे हैं।