हरियाणा के भिवानी की बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया और प्रीति पंवार स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में पहुंच गई हैं। प्रीति ने 54 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में जाम्बिया की कैथरीन मवापे को 5-0 से हराया। बड़सेरा गांव की रहने वाली प्रीति सेना में नायब सूबेदार हैं। उनके पिता सोमवीर हरियाणा पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हैं। प्रीति ने 2022 के एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज और 2025 विश्व कप में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, जैस्मिन ने 57 किलो वेट कैटेगरी में लोसोथो की रेपलान मेसेलेला को 2 राउंड में ही हरा दिया। इससे पहले 80 किलो वेट कैटेगरी में हिसार के बॉक्सर अंकुश पंघाल की बाउट हुई। उन्होंने कनाडा के बॉक्सर जोशुआ ओफोरी को हराकर फाइनल में जगह बनाई। तीनों बॉक्सर का फाइनल मैच शनिवार को होगा। भिवानी की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। सीमा ने तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर दूर चक्का फेंककर यह उपलब्धि हासिल की। डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज जीतने वाली सीमा कालीरमन के बारे में जानिए… 12 साल की उम्र से बॉक्सिंग कर रहे अंकुश अंकुश पंघाल (19) हिसार के भौरिया गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बॉक्सिंग की शुरुआत 12 साल की उम्र में स्कूल टाइम में ही कर दी थी। हिसार में कोच प्रदीप सावंत के अंडर उन्होंने कोचिंग की शुरूआत की। इसके बाद बेंगलुरु के स्पोर्ट्स सेंटर में आर्मी की तरफ से ट्रेनिंग ले रहे हैं। अंकुश ने 2023 में कजाकिस्तान में यूथ चैंपियनशिप में सिल्वर, 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में सिल्वर पदक जीता है। 2026 में उन्होंने इंडियन नेशनल चैंपियनशिप और ग्रैंड प्रिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अंकुश के पिता सुरेश पंघाल किसान और माता मुकेश गृहिणी हैं। जैस्मिन के पिता होमगार्ड, मां गृहणी बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया के पिता जयवीर लंबोरिया होमगार्ड हैं और उनकी माता जोगिंद्र कौर गृहणी हैं। जयवीर लंबोरिया के 4 बच्चे हैं, तीन बेटी हैं और सबसे छोटा बेटा है। जैस्मिन से बड़ी दो बहनें हैं। जैस्मिन फिलहाल फिजिकल एजुकेशन में पीजी डिप्लोमा भी कर रही हैं। 2021 में जैस्मिन ने खेल कोटे से आर्मी जॉइन की थी। 2016 में शुरू की थी बॉक्सिंग जैस्मिन ने 2016 में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। बचपन से जैस्मिन अपने अंकल एवं कोच संदीप लंबोरिया और प्रमेंद्र लंबोरिया को बॉक्सिंग करता देखती थी। इनसे इंस्पायर होकर जैस्मिन ने बॉक्सर बनना का सपना देखा। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणवियों का दबदबा:डॉ. सीमा ने जीता ब्रॉन्ज; नीरज-यशवीर जैवलिन थ्रो के फाइनल में, 7 बॉक्सर ने किए मेडल पक्के स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मैदान में एक बार फिर हरियाणा की माटी के लाडलों और बेटियों का दबदबा देखने को मिल रहा है। अपनी खेल प्रतिभा, इच्छाशक्ति और मैदान पर शानदार प्रदर्शन के दम पर हरियाणवी खिलाड़ियों ने न केवल पदक तालिका में देश का खाता खोल दिया है, बल्कि कई अन्य खेलों में भी भारत के लिए पदक पक्के कर दिए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)