बिजौलिया नगर पालिका में कथित अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों ने आज मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में प्रशासन पर भ्रष्टाचार, मनमानी और आमजन की आवाज दबाने के आरोप लगाए गए हैं। आरोप-वार्ड सभाओं में बंद कर दिया जाता है माइक पूर्व वार्ड पंच असलम हुसैन, महावीर मेघवाल और अन्य ने मांग पात्र में बताया- करोड़ों रुपए के विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। वहीं मुख्यमंत्री विकसित शहर अभियान के तहत आयोजित वार्ड सभाओं में लोगों को अपनी बात रखने से रोके जाने और माइक बंद करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं, जिससे योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा आरसीसी सड़क निर्माण में गड़बड़ी, विजय सिंह पथिक पार्क में पेड़ों की कटाई और पट्टा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ईओ ने आरोपों को बताया गलत वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) पंकज मंगल ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पालिका द्वारा सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं।