डीडवाना-कुचामन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने बाल विवाह रोकथाम के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। आखातीज पर्व के मद्देनजर यह अभियान ग्राम बिंचावा में एक विधिक साक्षरता शिविर के आयोजन के साथ शुरू किया गया। यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाहर सिंह मीणा के मार्गदर्शन और प्राधिकरण के सचिव महाबीर सिंह चारण के निर्देशन में आयोजित हुआ। शिविर में डिप्टी डिफेंस काउंसिल हरफूल राव ने मुख्य वक्ता के रूप में ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ कानूनन दंडनीय अपराध भी है। विशेष टीमें कर रही लोगों को जागरूक राव ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत न केवल विवाह कराने वाले परिवार, बल्कि इसमें सहयोग करने वाले पंडित, हलवाई और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। सचिव महाबीर सिंह चारण ने जानकारी दी कि आखातीज के दौरान संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए डीएलएसए की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आमजन को जागरूक कर रही हैं और प्रशासन को सहयोग देने की अपील कर रही हैं। बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी जानकारी शिविर के दौरान चीफ डिफेंस काउंसिल विकास ठोलिया और डिप्टी डिफेंस काउंसिल रोहिणी वैश्य सहित अन्य वक्ताओं ने भी उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में हरिराम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी को शपथ दिलाई गई कि वे न तो स्वयं बाल विवाह करेंगे और न ही अपने आसपास इस कुरीति को होने देंगे।