कासं|सवाईमाधोपुर/बाटोदा जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अभिनव पहल "भविष्य की उड़ान" और राज्य सरकार की "मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना" ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। बामनवास ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिंजारी में विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण आगे आए हैं। ​बिंजारी गांव के भामाशाह एवं सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक संतोष कुमार मीणा ने अपने बड़े भाई बसंत लाल मीणा की पुण्यस्मृति में विद्यालय में नवीन कक्षा-कक्षों के निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की धनराशि भेंट की। भामाशाह के इस सहयोग से अब बिंजारी के सरकारी विद्यालय का शैक्षिक और भौतिक वातावरण पूरी तरह सशक्त हो सकेगा। ​विद्यालय प्रबंधन समिति के अनुमोदन के बाद प्रधानाचार्या श्वेता विद्यार्थी एवं स्टाफ ने जनसहयोग राशि का चेक मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत जमा कराने के लिए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसाडिया तथा एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता को सौंपा। कार्यक्रम अधिकारी हेमराज मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के नियमों के अनुसार भामाशाह से प्राप्त 10 लाख रुपए की राशि पर राज्य सरकार द्वारा 15 लाख रुपए का अतिरिक्त राज्यांश स्वीकृत किया जाएगा। इस प्रकार विद्यालय के विकास के लिए कुल 25 लाख रुपए का बजट तैयार होगा। ​इस स्वीकृत राशि से विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के बैठने के लिए तीन अत्याधुनिक कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए कंप्यूटर और स्कूल भवन के आवश्यक मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे। इस बुनियादी विकास से न केवल स्कूल का भौतिक स्वरूप सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के लिए एक अनुकूल व सकारात्मक वातावरण भी मिल सकेगा। ​इस अवसर पर समग्र शिक्षा कार्यालय से अतिरिक्त परियोजना समन्वयक राकेश कुमार मीणा, चंद्र मोहन शर्मा, भगवान माली, दीपक शर्मा सहित बिंजारी विद्यालय स्टाफ से भीम सिंह, श्रीराम मीणा एवं अन्य गणमान्य नागरिक व शिक्षाविद उपस्थित रहे। बाटोदा. भामाशाह ने सीडीईओ को 10 लाख का चेक सौंपा।