बनास नदी के केचमेंट एरिया में बारिश से बीसलपुर बांध में एक सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई है। बांध का जलस्तर दो दिन से 14.51 आर एल मीटर पर स्थिर है। नहरें बंद होने के बाद लगातार गिर रहे जलस्तर में यह पहला मौका है जब गिरावट नहीं हुई। जिले के कई कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी तेज और मध्यम बारिश हुई, जिससे नासिरदा, टोरडी सागर समेत कई जगहों पर पानी की आवक हुई। वहीं, लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से खेतों की गेहूं और मूंग की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश कुमार बैरवा ने बताया - 17 मार्च से नहरें बंद होने के बाद टोंक, जयपुर और अजमेर में पेयजल सप्लाई के कारण रोजाना औसतन एक सेंटीमीटर बांध खाली हो रहा था। इस साल नहरें बंद होने के बाद 23 दिन में यह पहला मौका है जब बांध का जलस्तर नहीं घटा। दो दिन से बांध का जलस्तर 314.51 आर एल मीटर बना हुआ है। बांध के भराव क्षेत्र में हुई तेज बारिश की वजह से पानी की आवक बनी रही। बांध के रेन गेज सेंटर पर आज सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी हुई बारिश जिले के अन्य कस्बों और शहरी क्षेत्रों में भी तेज और मध्यम गति की बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश 24 घंटे में नासिरदा और टोरडी सागर के रेन गेज सेंटर पर 21-21 एमएम दर्ज की गई। इसके अलावा चांदसेन में 3 एमएम, लांबाहरिसिंह में 20 एमएम, मालपुरा में 4 एमएम, टोडारायसिंह में 15 एमएम, माशी डेम पर 7 एमएम, पीपलू में 2 एमएम, निवाई में 5 एमएम, ठिकरिया में 15 एमएम, गलवा डेम पर 12 एमएम, गलवानिया में 15 एमएम और पनवाड़ में 13 एमएम बारिश हुई। सिंचाई विभाग के एक्सईएन एन एल मीना ने बताया - बीते 24 घंटे में जिले में बेमौसम बारिश हुई, जिससे कुछ जगहों पर फसलों को नुकसान भी हुआ है। फसलों को भारी नुकसान लगातार दस दिन से हो रही रुक-रुक कर बारिश और ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं और मूंग की फसल में हुआ है। ओले गिरने से फसलें काफी खराब हो गई हैं और खेतों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।