बूंदी में हुई सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि उसके चेहरे का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा गर्दन के पास से उखड़ गया, जिसमें त्वचा और नसें शामिल थी। हादसे में जगदीश राठौर (48) के चेहरे के ऊपरी और निचले जबड़े की हड्डियां छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट गईं। इस गंभीर चोट के कारण उनकी गले की मांसपेशियां और जीभ श्वास नली में फंस रही थी, जिससे उसे सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। डॉ. आशीष और उनकी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 100 टांके लगाकर दो से ढाई घंटे के भीतर चेहरे की त्वचा को सफलतापूर्वक जोड़ा। सांस लेने में हो रही अत्यधिक परेशानी को देखते हुए गले से सांस लेने के लिए एक अलग मार्ग भी बनाया गया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मरीज का रक्तचाप (BP) कम हो रहा था, जिसके चलते उसे तुरंत दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशीष के साथ डॉ. अंकुश अग्रवाल, डॉ. राजीव, नर्सिंग ऑफिसर मुकेश सेन और उमा दीक्षित ने सहयोग किया। हड्डियों का ऑपरेशन दूसरे चरण में किया जाएगा, जब मरीज की स्थिति स्थिर हो जाएगी और रक्तस्राव के कारण शरीर में आई कमजोरी दूर हो जाएगी।