जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। इसमें बूंदी शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई की सभी व्यवस्थाएं अगले दो दिन के भीतर धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। जिला कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि लोगों की आदतों का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने शहर में ऐसा सकारात्मक वातावरण बनाने का आह्वान किया, जिसमें हर नागरिक स्वच्छ शहर के निर्माण में अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए प्रशासन और आमजन को मिलकर काम करना होगा। कलेक्टर ने रेहड़ी-ठेला लगाकर आजीविका कमाने वालों से भी अपील की कि वे अपने कार्यस्थल पर गंदगी न फैलाएं और स्वच्छ शहर बनाने में सहयोग करें। शहर की सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए भूरा गणेश मंदिर के पास स्थित पुराने जन्म-मृत्यु पंजीयन कार्यालय में 'बूंदी शहर सफाई कंट्रोल रूम' स्थापित किया जाएगा। यह नियंत्रण कक्ष दो पारियों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होगा। आमजन की सुविधा के लिए एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया जाएगा। कंट्रोल रूम में एक विशेष टीम तैनात रहेगी। वार्डों के प्रभारियों को यहां से मिलने वाले फीडबैक पर तुरंत कार्रवाई करनी होगी। जिला कलेक्टर ने नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए कि वे व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करें। सभी प्रतिष्ठानों के बाहर डस्टबिन रखवाए जाएं और दुकानदारों को सड़क पर कचरा न डालने के लिए प्रेरित किया जाए। रेहड़ी और ठेले वालों को भी कचरा न फैलाने के लिए पाबंद किया जाएगा। उन्हें अपने ठेले के पास डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा और कचरा केवल ऑटो टिपर में ही डालना होगा। यदि वे इसके बावजूद कचरा फैलाते पाए गए, तो उनके ठेले जब्त कर हटा दिए जाएंगे। शहर में शुरू होगी 'नाइट स्वीपिंग
शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जिला कलेक्टर ने 'नाइट स्वीपिंग' (रात में सफाई) शुरू करवाने के निर्देश दिए हैं। शहर के मुख्य आवागमन वाले रास्तों पर अब रात के समय भी झाड़ू लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में जिला कलेक्टर ने नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए कि जिन स्थानों से थोक में कचरा निकलता है, उन्हें सूचीबद्ध कर पाबंद किया जाएं। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे स्थानों के लिए अलग से ऑटो टिपर की व्यवस्था की जावें। नालों और नालियों में कोई भी कचरा नहीं डाले, यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जर्जर पड़े पब्लिक टॉयलेट्स की सूची बनाकर उनकी मरम्मत कर उन्हें चालू करने की कार्य योजना तैयार की जावें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा, सहायक कलेक्टर बनवारी बैरवा, नगर परिषद आयुक्त आशा मीणा, पूर्व पार्षद मुकेश माधवानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ओपी सामर, शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा, अशोक तलवास, पुरूषोत्तम लाल पारीक, नगर परिषद के सफाई निरीक्षक, सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्मिक आदि मौजूद रहें। कलेक्टर ने बाल श्रम, बाल विवाह रोकने पर जोर दिया कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में मिशन वात्सल्य योजना के तहत गठित ज़िला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक बुधवार को आयोजित हुई। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने बाल श्रम को समाज, जिला, राज्य और देश में एक ज्वलंत मुद्दा बताया। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर आयोग की मंशा के अनुसार जागरूकता फैलाने और जिले में संभावित बाल श्रम स्थलों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए बच्चों की सही दिशा और दशा महत्वपूर्ण है। यादव ने बच्चों की ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे जिले में बाल श्रम और बाल विवाह की रोकथाम में सकारात्मक प्रगति लाई जा सकती है। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने और संबंधित विभागों को बाल संरक्षण को प्राथमिकता देने के साथ-साथ बच्चों के विकास के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बाल अपराध से जुड़े प्रकरणों को गंभीरता से लिया जाए। पीड़ित बच्चों को राहत पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभाग प्राथमिकता के साथ कार्य करें और उन्हें मूलभूत सुविधाएं आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में सहायक निदेशक बाल अधिकारिता एवं ज़िला बाल संरक्षण इकाई, हुकमचंद जाजोरिया ने योजना के तहत संचालित बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, समस्त बाल देखरेख संस्थान और चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रगति व निस्तारित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल संरक्षण हेतु संबंधित विभागों से संयुक्त रूप से कार्य करने की अपेक्षा भी व्यक्त की। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अदिति चौधरी, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. सामर, शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा आदि उपस्थित रहें।