बूंदी के सांवतगढ़ में सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित एक कार्यक्रम पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यह कार्यक्रम विद्यालय समय में आयोजित किया गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहे। इसी दौरान गोहाटा पंचायत में विकास रथ पहुंचने पर पंचायत भवन पर ताला लगा मिला, जिससे जनता की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पाई। पढ़ाई में व्यवधान आया जानकारी के अनुसार सांवतगढ़ में कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में ही किया गया, जबकि उस समय कक्षाएं चल रही थीं। तेज साउंड सिस्टम के साथ नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन होता रहा, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान आया। कार्यक्रम के कारण कई आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहे। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अपने केंद्र छोड़कर कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। नरेगा श्रमिकों को बुलाकर भीड़ जुटाई भीड़ जुटाने के लिए नरेगा श्रमिकों को उनके कार्यस्थल से बुलाया गया। ग्रामीणों की अपेक्षित संख्या नहीं होने पर विद्यालय के बच्चों को बैठाकर कार्यक्रम में भीड़ दिखाने का प्रयास किया गया। लोगों ने औपचारिकता का लगाया आरोप स्थानीय लोगों ने बताया कि अधिकांश ग्रामीणों को कार्यक्रम की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उनका आरोप है कि पंचायत, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों ने केवल औपचारिकता निभाई, जिससे योजनाओं की वास्तविक जानकारी आमजन तक नहीं पहुंच पाई। ग्रामीणों ने कम भागीदारी का कारण उचित व्यवस्था और पूर्व सूचना का अभाव बताया। प्रिंसिपल से मांगा जाएगा जवाब हिण्डोली की अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अनिता मीणा ने इस संबंध में कहा कि शिक्षा विभाग का ऐसा कोई आदेश नहीं है कि विद्यालय समय में रथ खड़ा करके कार्यक्रम किया जाए या बच्चों को बैठाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन ग्राम पंचायत स्तर पर होना चाहिए था। मीणा ने यह भी बताया कि वह प्रिंसिपल से बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान डालने के संबंध में जवाब मांगेंगी।