बूंदी में मुस्लिम समाज ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। समाज के लोग बड़ी संख्या में शहर के मीरा गेट पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नाजिया इलाही के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कलेक्ट्रेट परिसर और रैली मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व मुफ्ती आलम राजा गोरी और मुफ्ती नदीम अख्तर सकाफी सहित मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद और उनके परिवार के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान हर नागरिक का दायित्व है। किसी भी धर्म के पूजनीय व्यक्तित्व के खिलाफ अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी समाज में तनाव का कारण बन सकती है। प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने केवल इस मामले में कार्रवाई की मांग नहीं की, बल्कि सभी धर्मों के सम्मान की रक्षा के लिए एक समान और सख्त कानून बनाने की भी मांग उठाई। उन्होंने ऐसे कानून की वकालत की, जिसके तहत किसी भी धर्म, देवी-देवता, पैगंबर, गुरु या धार्मिक महापुरुष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति पर बिना किसी भेदभाव के कठोर कानूनी कार्रवाई हो। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में मुस्लिम समाज इसी मांग को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहा है। बूंदी का यह प्रदर्शन भी उसी अभियान का हिस्सा था, जो शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।