बूंदी में ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाया गया गया। एक निजी शिक्षण संस्थान में हुए इस कार्यक्रम की थीम “नवाचार से विकसित भारत की ओर” रखी गई। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज शिक्षा विभाग के प्रोफेसर और आईटी सेल नोडल प्रभारी डॉ. दिलीप कुमार राठौड़ ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। डॉ. राठौड़ ने 11 मई 1998 को हुए पोखरण परमाणु परीक्षण की ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख किया। उन्होंने इसे भारत की वैज्ञानिक क्षमता, आत्मनिर्भरता और तकनीकी शक्ति का प्रतीक बताया। राठौड़ ने कहा कि आज के दौर में नवाचार केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि विकसित भारत की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने युवाओं से ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नई तकनीकों के साथ सामंजस्य स्थापित करके ही भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। तकनीकी बदलावों की दी जानकारी विशिष्ट अतिथि निर्वाचन विभाग के सूचना सहायक प्रमोद वर्मा ने सरकारी विभागों में हो रहे तकनीकी बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुगम बनाने में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। AI के बढ़ते प्रभाव पर डाला प्रकाश वहीं कलेक्ट्रेट के सूचना सहायक मोहित सैनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मोबाइल तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को इन तकनीकों के सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विज्ञान शिक्षा विशेषज्ञ हनुमान नागर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान ही सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी शिक्षा में रुचि लेने तथा नवाचार को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रियांशु टॉपर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। भाषण प्रतियोगिता में प्रियांशु प्रथम, कपिल द्वितीय तथा निकिता हाड़ा तृतीय स्थान पर रहे। वहीं ‘प्रौद्योगिकी को जानो’ क्विज प्रतियोगिता में डिंपल, पृथ्वी शर्मा एवं तेजस्वी विजेता रहे।