बूंदी के डाबी स्थित कोटा-चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) पर डाबी चमन चौराहे पर चल रहा अंडरपास और सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सुस्ती और ठेकेदार की लापरवाही के कारण 1.5 किलोमीटर का यह खंड अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इस अधूरे निर्माण कार्य के चलते पोरबंदर से कोटा-बारां तक के 2 राज्यों को जोड़ने वाले इस राजमार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को धूल और घंटों लंबे जाम में फंसना पड़ रहा है। आए दिन जाम की हालत बनी रहती है निर्माण कार्य के कारण यातायात को सर्विस रोड पर मोड़ा गया है, लेकिन यहां भी अव्यवस्थाएं व्याप्त हैं। सर्विस रोड पर भूसे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य भारी वाहन अवैध रूप से खड़े रहते हैं, जिससे रास्ता और संकरा हो जाता है। सड़क किनारे खड़े इन वाहनों के कारण चमन चौराहे पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा चौराहे से दुद्धी कुड़ी मार्ग तक की सड़कें गहरे गड्ढों में बदल चुकी हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर घायल हो जाते हैं। धूल उड़ने से हादसों का खतरा स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल के पास बड़ी मात्रा में मिट्टी (डस्ट) जमा कर दी गई है। हल्की हवा चलने पर भी यह धूल उड़कर वाहन चालकों की आंखों में चली जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सड़क पर उड़ते धूल के गुबार से न केवल यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हुआ है। धूल के कारण ग्राहक दुकानों पर आने से कतरा रहे हैं। यह राजमार्ग गुजरात के पोरबंदर, राजकोट, मोरबी और राजस्थान के उदयपुर, चित्तौड़गढ़ व कोटा जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। बाहर से आने वाले यात्री अक्सर यहां रास्ता भटक जाते हैं और खराब सड़क के कारण उनके वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। लोगों में आक्रोश स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में इस स्थिति को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि वे इस समस्या के समाधान के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। हालांकि, उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते हैं, ठोस कार्रवाई नहीं होती। मौके पर आकर 'जल्द काम पूरा करने' का झुनझुना थमा देते हैं, लेकिन धरातल पर काम बंद पड़ा है। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कंटेंट: शंकर सिंह, डाबी।