झुंझुनूं के सूरजगढ़ में बूंदी के लड्डूओं में मिलावट का मामला सामने आया है। 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की और फर्म का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। CMHO डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 26 फरवरी 2026 को सूरजगढ़ स्थित इस फर्म पर छापा मारकर बूंदी के लड्डू के नमूने लिए थे। इसकी जांच में सामने आया कि लड्डू को आकर्षक और चटकीला बनाने के लिए स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। लड्डू में टार्ट्राजीन (Tartrazine) नामक सिंथेटिक कलर की मात्रा 182.0 mg/kg पाई गई। यह मात्रा सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षित मानकों से कई गुना अधिक है। जबकि लड्डू का बाउडॉइन टेस्ट (Baudouin Test) 'नेगेटिव' रहा। इन्हीं आधार पर लैब ने इस खाद्य सामग्री को लोगों के लिए 'असुरक्षित' (Unsafe) और 'सब-स्टैंडर्ड' घोषित किया है। ​लाइसेंस रद्द और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत कार्रवाई करते हुए फर्म का लाइसेंस (नंबर 22219079000769) निलंबित कर दिया है। दुकान में मौजूद लड्डू के स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही, आगामी आदेश तक लड्डू बनाने पर भी पाबंदी रहेगी। फर्म को चेतावनी दी है कि वह अपनी निर्माण प्रक्रिया में सुधार कर रिपोर्ट पेश करे। मानकों का उल्लंघन जारी रहने पर लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त किया जा सकता है।