बूंदी के देईखेड़ा क्षेत्र में राम जल सेतु (ईआरसीपी) योजना के तहत मेज नदी पर प्रस्तावित बेराज निर्माण को लेकर शनिवार को आयोजित की गई। जनसुनवाई में प्रभावित ग्रामीणों ने पुनर्वास, मकान के बदले मकान, कृषि भूमि के बदले कृषि योग्य भूमि और डीएलसी दर से 10 गुना मुआवजे की मांग उठाई। ग्राम पंचायत रेबारपुरा में हुई जनसुनवाई के दौरान ठिकरी गांव के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पुनर्वास स्थल पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। जनसुनवाई में सौंपा ज्ञापन शुक्रवार को ग्राम पंचायत रेबारपुरा के पंचायत भवन में आयोजित जनसुनवाई में ठिकरी गांव के भूमि अधिग्रहण और डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए। उन्होंने शिविर प्रभारी एवं इंदरगढ़ तहसीलदार रामभरोस मीणा को मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा की मांग की। पुनर्वास और आजीविका पर जोर वार्ड पंच मनीष मीणा और देवकी नंदन शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित बेराज के कारण कई परिवारों की भूमि और मकान प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि प्रत्येक प्रभावित परिवार का समुचित पुनर्वास किया जाए, उनकी आजीविका सुरक्षित रखी जाए और जिनके मकान अधिग्रहण की जद में हैं, उन्हें मकान के बदले मकान उपलब्ध कराया जाए। पुनर्वास स्थल पर सभी जरूरी सुविधाओं की मांग ग्रामीणों ने पुनर्वास कॉलोनी को मुख्य सड़क से सीसी सड़क द्वारा जोड़ने, सरकारी विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, बिजली, स्ट्रीट लाइट, नाली और शौचालय जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अलावा पशुओं के लिए अलग चारागाह और पानी की व्यवस्था, धार्मिक आस्था को देखते हुए मंदिर निर्माण तथा पुनर्वास कॉलोनी की चारदीवारी कराने की भी मांग की गई। भूमि के बदले भूमि या 10 गुना मुआवजा ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की कि अधिग्रहित कृषि भूमि के बदले कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराई जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो वर्तमान डीएलसी (DLC) दर के 10 गुना के बराबर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों का भविष्य सुरक्षित रह सके। पहले भी हो चुका है विरोध उल्लेखनीय है कि राम जल सेतु (ईआरसीपी) योजना से प्रभावित खरायता पंचायत के किसान भी इससे पहले परियोजना का विरोध दर्ज करा चुके हैं। अब ठिकरी गांव के ग्रामीणों ने भी जनसुनवाई के माध्यम से अपनी मांगों को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा है।