बूंदी जिले के केशवरायपाटन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भीया की ग्राम विकास अधिकारी (VDO) सोनम नेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि सोनम नेहरा ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1.64 लाख रुपए के बिल पास करने के बदले 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। ट्रैप की भनक लगने पर सोनम ने रिश्वत नहीं ली गई। इस मामले में एसीबी ने जांच के बाद 13 जुलाई को ग्राम विकास अधिकारी सोनम नेहरा के खिलाफ मामला दर्ज किया। ट्रैप की भनक लगते ही ऑफिस से फरार हुई VDO सोनम कोटा एसीबी के एडिशनल एसपी मुकुल शर्मा के नेतृत्व में 7 मई को दो अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई की गई थीं। एक कार्रवाई में सखावदा के ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। सतवीर सिंह के ट्रैप होने की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत भीया की ग्राम विकास अधिकारी सोनम नेहरा ने रिश्वत लेने से इनकार कर दिया। जांच में सामने आया कि सोनम नेहरा के पति और सतवीर सिंह आपस में दोस्त हैं। सतवीर सिंह ने रिश्वत की रकम सोनम के किराए के मकान में बैठकर ली थी, जहां एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इधर, एसीबी की दूसरी टीम भीया ग्राम पंचायत में सोनम नेहरा को ट्रैप करने के लिए जाल बिछाए बैठी थी। जब सह-परिवादी रिश्वत देने उसके ऑफिस पहुंचा तो सोनम ने उसे अपने किराए के मकान पर जाकर रकम अपने पति को देने के लिए कहा था। सह-परिवादी जब वहां पहुंचा, तब तक एसीबी की टीम सतवीर सिंह को ट्रैप कर चुकी थी। इसकी जानकारी मिलते ही सोनम नेहरा ऑफिस से फरार हो गई, जबकि उसके पति ने भी परिवादी से रिश्वत की रकम नहीं ली। क्या है मामला? पंचायत राज विभाग के एक ठेकेदार ने 5 मई को ACB में शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसकी फर्म ने 26 अगस्त 2025 में ग्राम पंचायत भीया में स्वच्छ भारत अभियान के तहत कचरा संग्रहण, सड़क-नाली एवं सामुदायिक भवन की साफ-सफाई का ठेका लिया था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई का कार्य पूरा करने के बाद उसने दिसंबर में 63 हजार, 50,137 और 51,111 रुपए के बिल भुगतान के लिए ग्राम विकास अधिकारी सोनम नेहरा को दिए थे, लेकिन उनका भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि बिल पास करने के बदले उससे 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया 6 मई को एसीबी ने शिकायत का वैरिफिकेशन कराया। शिकायत के सत्यापन के दौरान कथित रूप से रिश्वत की मांग बढ़ाकर 76 हजार रुपए कर दी गई, जिसमें 51 हजार रुपए सरपंच के लिए होने की बात भी कही गई। इसके बाद 7 मई को एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की। सह-परिवादी ग्राम पंचायत भवन पहुंचा, तो सोनम नेहरा ने कहा कि यहां रजिस्टर नहीं है, रजिस्टर के बिना समझ में नहीं आएगा। इसलिए रिश्वत की रकम मेरे घर पहुंचकर मेरे पति को देना। इसके बाद एसीबी की टीम केशोरायपाटन स्थित उसके किराए के मकान पर पहुंची। लेकिन वहां पहले से एसीबी की दूसरी टीम एक अलग ट्रैप की कार्रवाई में जुटी थी।