केंद्रीय माध्यमिक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। पहली बार ऐसा हुआ, जब 12वीं का रिजल्ट 10वीं के बाद जारी किया गया। 10वीं का रिजल्ट 15 अप्रैल को जारी किया गया था। पाली में भी परिजन बच्चों के अच्छे अंक आने पर उनका मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाते नजर आए। जालोर जिले के भीनमाल के पांचपादरा के रहने वाले त्रिपालसिंह पाली जिले के जोजावर नवोदय विद्यालय के स्टूडेंट है। जिन्होंने 12वीं आर्ट्स में 94.20% अंक हासिल किए। उनके पिता नारायण सिंह बस ड्राइवर है और मां ममता कंवर हाऊस वाइफ है। तीन भाई बहनों में त्रिपाल सबसे छोटा है। बड़ी बहन हीना बीएड की पढ़ाई कर रही है और बहन डिम्पल बीए पढ़ रही है। त्रिपालसिंह ने बताया कि वह आगे चलकर RAS बनना चाहता है। मोबाइल से दूर रहकर एंजल लाई 90 प्रतिशत, CA बनना लक्ष्य पाली शहर के सिंधी कॉलोनी में रहने वाली एंजल निहालानी ने 12वीं कॉमर्स में 90 प्रतिशत हासिल किए और आगे सीए बनने का उसका लक्ष्य है पिता ललित निहालानी लोन एजेंट है और मां महक हाऊस वाइफ है। एंजल का एक छोटा भाई भव्य है जो 10वीं में पढ़ता है। एंजल ने बताया कि वह रोजाना छह-सात घंटे पढ़ाई करती थी और उसक लक्ष्य सीए बनने का है। सुबह चार बजे उठकर पढ़ता था अहर्म, लाया 95 प्रतिशत पाली के अर्हम जैन ने 12वीं कॉमर्स में 95 अंक हासिल किए। स्कूल से आने के बाद रोजाना छह-सात घंटे पढ़ना उनका रूटीन था। आगे चलकर वे CA बनना चाहते है। अर्हम की बड़ी बहन लक्षिता बीकॉम फाइनल पढ़ रही है। मां आशा हाऊस वाइफ है और पिता धर्मेन्द्र जैन टेक्सटाइल बिजनेसमैन है। अर्हम सुबह चार बजे उठकर पढ़ता था। भावेश पारीक बनना चाहता है डॉक्टर पाली के मिलगेट क्षेत्र में रहने वाले भावेश पारीक ने 12वीं साइंस में 90.40 अंक प्राप्त किए। उनका सपना डॉक्टर बनने का है। भावेश के पिता पंकज पारीक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी है और मां इंद्रा पारीक हाऊस वाइफ है। बड़ा भाई केशव पारीक बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। भावेश ने बताया कि वह रोजाना सात-आठ घंटे पढ़ाई करता था। चारवी व्यास ने लाए 90.40 अंक, आर्टिस्ट बनना सपना पाली के रामदेव रोड क्षेत्र रहने वाली चारवी व्यास ने 12वीं कॉमर्स में 90.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। रोजाना पांच-छह घंटे पढ़ना उसका रूटीन रहा है। उसका सपना आर्टिस्ट बनने का है। वह बताती है कि उसे देश के विभिन्न राज्यों क कल्चर, नेचर, पशु-पक्षी, जंगल अच्छे लगते है। मॉर्डन आर्ट के जरिए उन चित्रों को केनवास पर उतारना उसका सपना है और इसी में वह अपना कॅरियर बनाना चाहती है। उनके पिता हीरालाल व्यास एड एजेंसी चलाते है और मां सुमनलता हाऊस वाइफ है। छोटा भाई रोहन सातवीं में पढ़ता है।