भास्कर संवाददाता | चूरू जिले के 10 शहरों एवं 873 गांवों के करीब 25 लाख लोगों के लिए राहत की खबर है। आईजीएनपी की 45 दिन की नहरबंदी समाप्त हो गई है। हरीके बांध से 12 मई को पानी छोड़ दिया गया है। शुरुआत में नहर में कम पानी छोड़ा गया, जिसके कारण नहर में पानी का बहाव कम है। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार देर रात को फुल स्पीड से नहर में पानी छोड़ा जाएगा, जिसके 16 मई तक मसीतावाली हेड (हनुमानगढ़) तक पहुंचने की संभावना है। मसीतावाली हेड से कर्मसाना तक 18 मई तक पानी पहुंचेगा। 20 मई तक जिले के तारानगर, चूरू व सादुलपुर तहसील एवं गावों नहर के पानी की रेगुलर सप्लाई होने लगेगी। पूर्ण नहरबंदी 10 अप्रैल से 10 मई तक थी, पर नहर से पानी दो दिन बाद छोड़ा गया। नहरबंदी के दौरान अब तक जिले के लोगों को चार स्टोरेज डैम से दो दिन से पानी दिया जा रहा था। करीब 1600 ट्यूबवैल से भी शहर एवं गांवों के लोगों के लिए सहारा बने हुए हैं। इसके अलावा समस्याग्रस्त 364 गांवों में रोज टैंकर से पानी सप्लाई की जा रही है। बुधवार को ही गांवों में 450 एवं 10 में से 9 शहर के वार्डों में करीब 400 टैंकर भिजवाए गए। कर्मसाना डैम में अब दो दिन की सप्लाई का पानी बचा : पीएचईडी एसई चुन्नीलाल ने बताया कि 1680 एमएल क्षमता वाले कर्मसाना स्टोरेज डैम में अब 350 एमएएल पानी बचा है, जिसमें 150 एमएल रिजर्व में रखना पड़ता है। 200 एमएल सप्लाई का बचा है। बुधवार को सप्लाई कर दी गई। अब 15 व 17 को एक दिन छोड़कर डैम से सप्लाई दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर रिजर्व पानी से सप्लाई होगी। अन्यथा 18 मई तक पानी पहुंचने की पूरी संभावना है। आईजीएनपी के पानी के साथ चल रहे नहर विभाग के रावतसर एईएन केशव िबश्नोई ने बताया कि हरीके बांध से 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जो बुधवार को पंजाब के फरीदकोट पहुंचा है। अब सप्लाई बढ़ने की संभावना है। मसीतावाली हेड तक 15 मई की देर रात या 16 मई तक पानी पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि मसीतावाली हेड राजस्थान में आईजीएनपी का मिलन स्थल है। यहां नहर की गहराई लगभग 21 फीट है और तल की चौड़ाई 134 फीट व सतह की चौड़ाई 218 फीट है। मसीतावाली हेड पर नहर की जल क्षमता 18,500 क्यूसेक है। इससे 10 जिलों को पीने का एवं 5 जिलों को सिंचाई का पानी मिलता है। उनका कहना है कि मसीतावाली हेड का आउटलेट करीब 15 फीट ऊंचा है। इसके फुल होने पर यहां से 36 किमी दूर गंधेली पानी पहुंचेगा। एईएन अनिरुद्ध स्वामी का कहना है कि मसीतावाली हेड से 17 मई को रावतसर वितरिका गंधेली, 18 को कर्मसाना व 19 मई को ललानियां पहुंचेगा। गंधेली से कर्मसाना की दूरी 13 किमी है। ऐसे में 50 किमी तक पानी पहुंचने में दो दिन लग सकते हैं। 17 मई की देर रात या 18 मई को कर्मसाना तक पानी पहुंच जाएगा। ऐसे में चूरू, तारानगर एवं सादुलपुर तहसील को 20 मई तक पानी मिल जाएगा, जबकि कर्मसाना के बाद पानी धन्नासर पहुंचेगा। सरदारशहर, रतनगढ़ एवं सुजानगढ़ सहित अन्य तहसीलों को 21 से 22 मई तक पानी मिलने की संभावना होगी। ^आईजीएनपी का पानी हरीके बांध से छोड़ दिया गया है। इसके 16 मई तक मसीतावाली हेड एवं इसके बाद 18 मई तक कर्मसाना एवं 18 से 19 मई तक धन्नासर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में 20 से 21 मई तक जिले के लोगों को नहर के पानी की सप्लाई होने लगेगी। विभाग के अधिकारी नहर विभाग के अधिकारियों से बराबर संपर्क में है। -रमेशचंद्र राठी, एडीशनल चीफ इंजीनियर, पीएमसी कर्मसाना डैम में दो दिन का पानी बचा है।