आदर्श सैनिक गांव धनुरी के रिसालदार मेजर ऑनरेरी कैप्टन लियाकत अली (रिटायर्ड) को नई दिल्ली में सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 'वेटरन अचीवर्स अवार्ड' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पिछले 23 साल से पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए किए जा रहे निस्वार्थ सेवा कार्यों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान के लिए दिया गया। नई दिल्ली के माणिक शॉ सेंटर में हुए समारोह में सेना प्रमुख ने देश के 7 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। रिटायरमेंट के बाद भी समाज सेवा में जुटे कैप्टन लियाकत अली ने भारतीय सेना की 73 आर्मर्ड रेजिमेंट और अन्य यूनिट्स में 32 साल से ज्यादा समय तक देश की सेवा की है। साल 2003 में रिटायर होने के बाद उन्होंने समाज सेवा को अपना लक्ष्य बनाया। पिछले 23 साल से वह अपनी टीम के साथ गांव-गांव जाकर पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की पेंशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी मदद कर रहे हैं। माणिक शॉ सेंटर में हुआ सम्मान समारोह नई दिल्ली के माणिक शॉ सेंटर में हुए विशेष कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देश के 7 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। यह सम्मान उन पूर्व सैनिकों को दिया गया, जिन्होंने सेना से रिटायर होने के बाद शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने जैसे क्षेत्रों में बेहतर काम किया है। इन पूर्व सैनिकों को भी किया गया सम्मानित सम्मान पाने वालों में कर्नल ज्ञान प्रकाश मिश्रा (SM), कर्नल रघुवीर सिंह भास्कर, लेफ्टिनेंट कर्नल शिखा गर्ग, सूबेदार (ऑनरेरी कैप्टन) ओम प्रकाश, सूबेदार मेजर सुमेर सिंह और हवलदार जीवा राज सिंह भी शामिल हैं। पूर्व सैनिकों से की राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील पुरस्कार मिलने के बाद कैप्टन लियाकत अली ने देश के सभी पूर्व सैनिकों से समाज सेवा से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा जीवनभर चलने वाला सफर है। उन्होंने सभी साथी पूर्व सैनिकों से कहा कि पेंशन मिलने के बाद घर पर चुपचाप बैठने के बजाय देश को मजबूत और एकजुट बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।