सवीना थाना क्षेत्र में अधिवक्ता के रिश्तेदार के प्लॉट पर कब्जे, जान से मारने की धमकी और हमले के विरोध में अधिवक्ताओं का आक्रोश सोमवार को बढ़ गया। भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह फौजदार को लाइन हाजिर करने की मांग उठाई। सुबह कोर्ट परिसर में एकत्र होने के बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्री परिसर पहुंचकर नारेबाजी की, दोपहर में सुंदरकांड का पाठ किया और रात में कलेक्ट्री में ही डेरा डाल दिया। रात 8:30 बजे अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल आईजी गौरव श्रीवास्तव से मिलने पहुंचा। वार्ता में एसपी डॉ. अमृता दुहन-एएसपी उमेश ओझा भी मौजूद थे। आईजी ने स्पष्ट किया कि सीधे लाइन हाजिर करने से पुलिस का मनोबल टूटेगा, लेकिन उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने पर सीआई पर कार्रवाई की बात कही। इस दौरान अधिवक्ताओं और सीआई की आमने-सामने बातचीत में सहमति बनी। इसके बाद रात 12:30 बजे धरना खत्म हो गया। प्रतिनिधिमंडल में बार अध्यक्ष जितेंद्र जैन, राजेश जाजोदिया, राव रतन सिंह, पूर्व अध्यक्ष राकेश मोगरा, मनीष शर्मा, भरत जोशी आदि शामिल थे। धरना स्थल पर पार्किंग में खाना बनवाया, बिस्तर मंगवाकर सोए भी देर रात कलेक्ट्री पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने युवा अधिवक्ताओं से समझाइश की, लेकिन अधिवक्ता सीआई को हटाने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कलेक्ट्री परिसर में ही बिस्तर मंगवा लिए। एसपी ऑफिस के नीचे पार्किंग क्षेत्र में हलवाई बुलाकर खाने की व्यवस्था भी कर ली। कलेक्ट्री परिसर में ही खाना बनवाकर खाया। इससे पहले सुबह 11 बजे सीएम ड्यूटी पर जा रहीं एसपी डॉ. अमृता दुहन के सामने भी अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की। यह है मामला: अधिवक्ता राजेश जाजोदिया के अनुसार उनके रिश्तेदार देवेंद्र अग्रवाल का गोविंद नगर में स्थित प्लॉट पर कौशल आमेटा नाम के व्यक्ति ने कथित रूप से कब्जा कर रखा है। आरोप है कि रविवार को शिकायत के बावजूद सवीना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद जब अधिवक्ता अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे तो आरोपी ने उन पर कार चढ़ाने का प्रयास किया और ईंट फेंककर हमला व गाली-गलौज की। घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी में भी धक्का-मुक्की का आरोप है। इसके विरोध में रविवार को भी अधिवक्ताओं ने सवीना थाने का घेराव कर एफआईआर दर्ज कराई थी।