95 करोड़ की लागत से सीबीआई फाटक पर बन रहे आरओबी का काम 55-60% तक हो चुका है। 950 मीटर लंबे और 17.2 मीटर लंबे आरओबी में 26 पिअर्स में से 24 और 25 स्लैब में से 6 स्लैब स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तरफ डाली जा चुकी है। फाउंडेशन का काम 90% और सब स्ट्रक्चर का 80% हो गया। सुपर स्ट्रक्चर में 70% काम बाकी है। इस प्रोजेक्ट की नींव जुलाई 2025 में रखी गई थी और जुलाई 2027 में पूरा करना है। जेडीए अधिकारियों के अनुसार यह प्रोजेक्ट तय डेडलाइन से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। जाम से मिलेगी राहत, 24 घंटे में 100 बार बंद आरओबी बनने से यहां से रोजाना निकलने वाले 35 हजार वाहनों को सीधा फायदा होगा। वर्तमान में दिल्ली-जयपुर रेलमार्ग पर स्थित यह फाटक 24 घंटे में करीब 100 बार बंद होने से जाम लगा रहता है। रेलवे लाइन के समानांतर बसी कॉलोनियों में ट्रैफिक की आवाजाही के लिए टू लेन यू शेप अंडरपास बनेगा। इससे अंडरपास से समानांतर बसी कॉलोनियों में से हल्के वाहन निकल सकेंगे। इसके लिए रेलवे ने जेडीए की ड्राइंग मंजूर कर दी है। इस प्रोजेक्ट के साथ ही अंडरपास तैयार होगा। अगले छह महीने में बाकी की स्लैब और रेलवे फाटक पर फाउंडेशन के साथ पिअर्स कास्टिंग की जाएगी। फाटक बंद होने पर 15 से 20 मिनट ट्रैफिक रुकता है यह आरओबी खोहनागोरियन मोड़ से शुरू होकर फाटक क्रॉसिंग के बाद 450 मीटर आगे उतरेगा। इसकी कुल चौड़ाई 17.20 और लंबाई 950 मीटर रहेगी। आरओबी के बनने के बाद वाहनों को 7 नंबर चौराहे खोहनागोरियन की तरफ जाने के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। {आरओबी के साथ 7.5 मीटर चौड़ी सर्विस लेन, 1.5 मीटर का फुटपाथ बनेगा। इसके अलावा राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सब-वे भी बनाया जाएगा।