झालावाड़| शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर मूर्ति चौराहे स्थित श्री खेजड़ी के बालाजी मंदिर में धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान बालाजी को चांदनी रात में साबूदाना की खीर का भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं में खीर का प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर परिसर में सुंदरकांड का पाठ भी हुआ, जिसमें भक्तों ने भाग लेकर बालाजी महाराज से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। शरद पूर्णिमा के अवसर पर खीर का भोग लगाने और प्रसाद वितरण की परंपरा के तहत मंदिर में भक्तिमय माहौल रहा। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष जितेंद्र गौड़, कालूराम, करण सिंह राजावत, पंडित रमेश वैष्णव, ओम पाठक और प्रमोद शर्मा सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। भास्कर न्यूज | झालावाड़ शरद पूर्णिमा पर श्री सूर्यवंशी कुमरावत तम्बोली समाज और महिला मंडल की ओर से शहर में धार्मिक आयोजन किए गए। गांवड़ी के तालाब स्थित नानादेवी माता मंदिर परिसर में महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए। अपने हाथों से तैयार किए गए 56 से अधिक व्यंजनों का भोग लगाया। वहीं, तम्बोली मोहल्ले स्थित समाज के रामजानकी मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रम हुए। पर्व का विशेष आकर्षण रात में पनवाड़ी के रक्षक लोकदेवता केसू बाउजी का पारंपरिक विवाह रहा। विवाह की रस्मों के बाद ढोल और आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। महिलाओं ने मां देवी-देवताओं के भजन गाए व ढोलक की थाप पर नृत्य किया। इसके बाद मातारानी को छप्पन भोग अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना के बाद महाआरती और सामूहिक भोज: मंदिर परिसर में माता श्रीनानादेवी सहित केसर बाई, झूमादेवी, नागकन्या, गणेशजी, चौसठ योगिनी, संतोषी माता, कालीमता, झुंड भैरू, चामुंडा माता, कालाजी, सगसजी, शिव परिवार, बालाजी और नाहरसिंघी सहित देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महाआरती हुई। श्रद्धालुओं को छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया गया और समाज की ओर से सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया। रीति-रिवाज से हुआ केसू बाउजी का विवाह : शरद पूर्णिमा की रात पनवाड़ी के रक्षक लोकदेवता केसू बाउजी का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाज से संपन्न कराया गया। विवाह में केसू बाउजी का प्रतीक माल तुलसा से बनाया गया, जबकि उनकी पत्नी गडू बाई का प्रतीक छोटी मटकी में दीपक प्रज्ज्वलित कर तैयार किया गया। विवाह के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और ढोल की धुन पर नृत्य किया। विवाह के बाद तम्बोली मोहल्ले से केसू बाउजी की शोभायात्रा निकाली गई। जो पीपानंद मार्ग स्थित तेजाजी महाराज के आगे तक पहुंची। इसके बाद तड़के करीब 4 बजे केसू बाउजी का उनके थानक पर विसर्जन किया गया।