प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया का पहला चरण 16 मई से शुरू होकर 14 जून तक चलेगा। पहले चरण में मकानों की हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत जनगणना फरवरी 2027 में कराई जाएगी। राजस्थान में कुल मिलाकर 2 लाख से अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों को इस प्रक्रिया से जोड़ा गया है। जयपुर जिले में इस काम के लिए करीब 25 हजार कर्मचारियों को लगाया गया है, जिनका प्रशिक्षण 7 अप्रैल से शुरू हो रहा है। प्रशासन के अनुसार 1 से 15 मई के बीच पहली बार सेल्फ सेंसस की सुविधा दी जाएगी, जिसमें नागरिक निर्धारित पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। इसके बाद जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर इन विवरणों का सत्यापन करेंगे। 700 कर्मचारियों पर एक प्रगणक सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार जनगणना के पहले चरण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिले में हर 700 कर्मचारियों पर एक प्रगणक और 6 प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। प्रगणकों का प्रशिक्षण 7 से 10 अप्रैल के बीच और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 15 से 25 अप्रैल तक कराया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर एसडीएम मॉनिटरिंग करेंगे। जिले में 25 हजार कर्मचारियों को जनगणना कार्य में लगाया गया है। इस कार्य से जुड़े कर्मचारियों के तबादलों पर जनगणना पूरी होने तक रोक लगा दी गई है। पहले चरण हर मकान की सूची बनेगी पहले चरण में हाउस-लिस्टिंग के तहत हर मकान की सूची तैयार की जाएगी और उसे रिहायशी या व्यावसायिक श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। इसी दौरान इन्यूमरेशन ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिनमें सामान्यतः 120 से 150 घर शामिल होंगे। जनवरी-26 के आंकड़े 10 वर्षों तक मान्य रहेंगे तहसील व ग्राम स्तर पर समन्वय समिति गठित