भीलवाड़ा| शहर के नियोजित विकास की प्रमुख एजेंसी यूआईटी लंबे समय से नेतृत्व के अभाव से जूझ रहीं है। यूआईटी में करीब आठ साल से चेयरमैन का पद रिक्त है, जबकि 3 मई 2026 से सचिव का पद भी खाली होने के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति का सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने कार्यों के लिए बार-बार यूआईटी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस संबंध में राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद के जिलाध्यक्ष मनीष बम्ब, संरक्षक हेमंत कोठारी एवं मार्गदर्शक सीए महावीर गांधी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजकर यूआईटी में रिक्त पड़े चेयरमैन एवं सचिव के पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने वाले अधिकारियों के अभाव में भूमि संबंधी प्रकरण, पट्टे, नामांतरण, लीज नवीनीकरण, भवन निर्माण स्वीकृति, एनओसी तथा विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़ी फाइलें लंबित पड़ी हैं।