चित्तौड़गढ़ जिले में एक बार फिर 108 एंबुलेंस में सुरक्षित डिलीवरी हुई है। पारोली गांव से जिला हॉस्पिटल लाई जा रही गर्भवती महिला को रास्ते में अचानक तेज लेबर पेन शुरू हुआ। हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उसकी हालत ऐसी हो गई कि आगे सफर जारी रखना संभव नहीं था। ऐसे में एंबुलेंस में मौजूद पायलट और ईएमटी ने तुरंत स्थिति संभाली। उन्होंने एंबुलेंस को सड़क किनारे रोककर सुरक्षित डिलीवरी करवाई। महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद मां और नवजात को जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं। नवजात का वजन 2210 ग्राम है और डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का इलाज चल रहा है। पारोली गांव से अस्पताल के लिए निकली थी एंबुलेंस पारोली गांव निवासी 18 वर्षीय रतनी भील, पत्नी कमलेश भील को लेबर पेन शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस गांव पहुंची और महिला को जिला हॉस्पिटल लेकर रवाना हुई। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही एंबुलेंस कपासन रोड पर आरटीओ कार्यालय के पास पहुंची, रतनी को अचानक तेज लेबर पेन शुरू हो गया। डिलीवरी का समय बहुत करीब होने के कारण हॉस्पिटल तक पहुंचने का इंतजार करना संभव नहीं था। ऐसे में एंबुलेंस के पायलट सोनू कुमार शर्मा और ईएमटी सुखदेव बैरवा ने बिना देर किए गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर सड़क किनारे रोका और जरूरी तैयारी कर डिलीवरी कराने का फैसला लिया। एंबुलेंस में सुरक्षित हुआ प्रसव, बच्ची ने लिया जन्म एंबुलेंस में मौजूद स्टाफ ने पूरी सावधानी और प्रशिक्षित तरीके से महिला की डिलीवरी करवाई। कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद सबसे पहले मां और नवजात की प्राथमिक जांच की गई ताकि दोनों की हालत सामान्य बनी रहे। इसके बाद एंबुलेंस तुरंत जिला हॉस्पिटल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मां और बच्ची को भर्ती कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। नवजात बालिका का वजन 2210 ग्राम है और दोनों डॉक्टरों की निगरानी में हैं। परिवार में खुशी का माहौल, तीसरी संतान है नवजात परिजनों ने बताया कि रतनी भील की यह तीसरी डिलीवरी है। इससे पहले उसके एक बेटा और एक बेटी है। अब परिवार में दूसरी बेटी का जन्म हुआ है। रास्ते में अचानक प्रसव की स्थिति बनने से कुछ समय के लिए परिजन घबरा गए थे, लेकिन 108 एंबुलेंस टीम ने समय रहते स्थिति संभाल ली। सुरक्षित डिलीवरी होने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।