साइबर ठगी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उदयपुर पुलिस ने शनिवार को चित्तौड़गढ़ से 5 हजार रुपए के इनामी शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी किराए के बैंक खातों में ठगी की रकम डलवाता था और इसके लिए लोगों से पैसे देकर अकाउंट खरीदता था। आरोपी अपनी लोकेशन बदल-बदल कर रह रहा था। जांच में सामने आया है कि वह संगठित तरीके से म्यूल अकाउंट्स के जरिए रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश करता था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पिछले एक साल से आरोपी साइबर ठग फरार चल रहा था। यह पूरी कार्रवाई उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई। झाड़ोल थानाधिकारी फलेराम मीणा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जाल बिछाया और आरोपी तौसिफ खान पठान(29) को धर दबोचा। जो चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र के कजोड़पुरा (सावा) का रहने वाला है। साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराता था आरोपी पुलिस के अनुसार, तौसिफ के खिलाफ झाड़ोल थाने में साल 2025 में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया गया था। तौसिफ का काम साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराना था। वह भोले-भाले लोगों या लालच में आने वाले व्यक्तियों से उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड खरीद लेता था। इसके बाद जब साइबर ठग किसी से ऑनलाइन ठगी करते थे, तो वह रकम सीधे इन्हीं 'म्यूल अकाउंट्स' में ट्रांसफर कराई जाती थी। वहां से पैसा निकालकर मुख्य सरगना तक पहुंचाया जाता था। पुलिस ने मामले में पहले भी दो आरोपियों की किया था गिरफ्तार इस मामले में पुलिस पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें फलासिया तहसील के कोल्यारी गांव के रहने वाले विक्रम सिंह और विशाल शामिल है। इन दोनों से हुई पूछताछ में ही तौसिफ का नाम सामने आया था, लेकिन वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस ने जब उस पर शिकंजा कसा और इनाम घोषित किया तो आखिरकार वह पकड़ा गया। खातों में लाखों का हुआ ट्रांजैक्शन झाड़ोल थानाधिकारी फलेराम मीणा ने बताया कि आरोपी तौसिफ से फिलहाल थाने में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि तौसिफ ने अब तक दर्जनों बैंक खाते ठगों को मुहैया कराए हैं, जिनके जरिए लाखों रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का हो सकता है खुलासा पूछताछ में साइबर ठगी के कुछ और बड़े नेटवर्क और गिरोह के सदस्यों के बारे में अहम सुराग मिलने की पूरी संभावना है। उदयपुर पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को भी चेतावनी मिली है जो चंद रुपयों के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को इस्तेमाल के लिए दे देते हैं। इनपुट - दुष्यंत पूर्बिया, झाड़ोल