चित्तौड़गढ़ शहर के बहुप्रतीक्षित बाईपास प्रोजेक्ट को बड़ा प्रशासनिक कदम मिल गया है। केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही बाईपास निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है और जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। बाईपास बनने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-27 को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से सीधा संपर्क मिलेगा। इससे शहर के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव कम होगा, ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। कई गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित सांसद सी.पी. जोशी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत गंगरार तहसील के डेट, भवानीपुरा, मेडीखेड़ा और शिवपुरा तथा बस्सी तहसील के आंवलहेड़ा बिलिया, नगरी और गुर्जरखेड़ा सहित कई गांवों की जमीन इस परियोजना में शामिल होगी। अधिसूचना जारी होने के बाद अब इन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिससे निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता आसान हो जाएगा। शहर की ट्रैफिक समस्या से मिलेगी राहत चित्तौड़गढ़ शहर से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। इससे शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव बना रहता है और लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। बाईपास बनने के बाद भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना नए मार्ग से गुजर सकेंगे। इससे शहर के अंदर यातायात सुगम होगा, सड़क हादसों में कमी आने की संभावना रहेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों का समय भी बचेगा। उद्योग, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा बाईपास बनने से जिले के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे माल परिवहन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग सहित जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी पहले से अधिक सुविधाजनक होगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कई सड़क परियोजनाओं के बाद अब बाईपास की बारी पिछले कुछ वर्षों में चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र में किशनगढ़-अहमदाबाद सिक्स लेन, देसूरी-भटेवर नेशनल हाईवे, प्रतापगढ़, देबारी और मंगलवाड़ बाईपास सहित कई सड़क परियोजनाएं पूरी हुई हैं। इसके अलावा सर्विस रोड, अंडरपास और ओवरब्रिज का भी निर्माण किया गया है। अब चित्तौड़गढ़ बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। तय समय पर निर्माण पूरा होने पर यह परियोजना जिले की यातायात व्यवस्था और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।